लखनऊ : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षकों, कर्मचारियों और युवाओं के खिलाफ काम कर रही है, और उनका अपमान करके उनके अधिकारों को छीनने में लगी हुई है।
“भाजपा सरकार सब कुछ बेचने पर उतारू”
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि विभागों का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है और कर्मचारियों को बर्खास्तगी की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया “भाजपा सरकार किसी को नौकरी तो दे नहीं सकती। जिनकी नौकरी है, उन्हें भी छीनना चाहती है।”अखिलेश यादव ने बेसिक शिक्षा विभाग में 1.93 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की कथित झूठी घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह खबर बाद में गायब कर दी गई, जो इस सरकार की नौजवान विरोधी नीयत को उजागर करती है।
गोरखपुर में शिक्षकों के अपमान का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में उत्तर प्रदेश आवासीय विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री की कथित अभद्रता को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी अपमानजनक भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। अगर, मुख्यमंत्री खुद ही शिक्षकों को अपमानित करेंगे, तो फिर बाकी मंत्रियों और अधिकारियों से क्या अपेक्षा की जाए?”
भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है: सपा अध्यक्ष
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को हर वर्ग का शोषक करार दिया। उन्होंने कहा कि “भाजपा ने नौजवानों, किसानों, शिक्षकों, कर्मचारियों, सभी को ठगा है। यह धोखेबाज सरकार है, जो सिर्फ चुनावी वादों में विश्वास रखती है, ज़मीनी स्तर पर कुछ नहीं करती।” उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा के अहंकार और तानाशाही रवैये का करारा जवाब देगी।
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