लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और सरकार के 8.5 वर्षों के कार्यकाल को “बदलाव का काल” बताया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश उसी प्रदेश से बिल्कुल अलग है, जिसे कभी ‘बीमारू राज्य’ कहकर मजाक उड़ाया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश की जीडीपी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 9.5 प्रतिशत हो चुकी है और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने दावा किया कि बीते 8.5 वर्षों में प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया, बल्कि टैक्स चोरी पर सख्ती की गई, जिसके चलते आज उत्तर प्रदेश एक रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के जरिए कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सीधे बाजार से जोड़ा है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं, जिनके माध्यम से 96 लाख युवाओं के लिए रोजगार का रास्ता खुला है। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार अपने हस्तशिल्पियों और उत्पादकों का सम्मान नहीं करती, उसका वही हाल होता है जैसा समाजवादी पार्टी का हुआ। उन्होंने निवेश को लेकर कहा कि निवेश की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी सुविधा और तीसरी स्पष्ट नीति बनाकर उसका ईमानदारी से क्रियान्वयन है, और आज उत्तर प्रदेश में ये तीनों मौजूद हैं। डबल इंजन सरकार के कारण विकास की रफ्तार तेज होना स्वाभाविक है।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में खेती के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थी और किसान सिर्फ वोट बैंक बनकर रह गया था। आज स्थिति बदली है। उन्होंने कहा कि अब लागत कम है और उत्पादन ज्यादा है, किसान विकास का सहभागी बन चुका है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता डीबीटी के माध्यम से सीधे अन्नदाता के खाते में भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत अब तक उत्तर प्रदेश के किसानों को 95 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब “खेती की बात खेत में” हो रही है, जहां कृषि वैज्ञानिक सीधे खेतों में जाकर किसानों से संवाद कर रहे हैं और उत्पादन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने गो-सेवा और गन्ना किसानों को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7727 गो-आश्रय स्थल संचालित हो रहे हैं, जिनमें हजारों निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। गन्ना किसानों को लेकर उन्होंने बताया कि अब तक 3 लाख 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। कानून व्यवस्था के क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में केवल दो फॉरेंसिक लैब थीं, जबकि आज 12 ए-ग्रेड फॉरेंसिक लैब संचालित हैं और छह निर्माणाधीन हैं। सभी जनपदों में दो-दो फॉरेंसिक वैन तैनात की गई हैं, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हुई है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग देश को नुकसान पहुंचाने वाले आक्रांताओं का महिमामंडन करते हैं, उन्हें आज का भारत स्वीकार नहीं करेगा। भारत के राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अपमान, संविधान का अपमान है। “भारत में रहेंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे, यह नहीं चलेगा,” ऐसा स्पष्ट संदेश उन्होंने दिया। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि वह गाजी के मेले का समर्थन करती है, जबकि वह भारत की संस्कृति को रौंदने आया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने महाराज सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया, जबकि विपक्ष राम मंदिर, काशी विश्वनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का विरोध करता रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज संभल, बरेली, बौद्ध तीर्थ, प्रयागराज, काशी और मथुरा समेत प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान देव दिवाली और बड़े धार्मिक आयोजनों से बन रही है। महाशिवरात्रि के अवसर पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान किया, जो इस बात का प्रमाण है कि श्रद्धालुओं को प्रदेश की व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर भरोसा है।
विधान परिषद में विपक्ष के हंगामे पर मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा है और उनसे किसी सकारात्मक अपेक्षा करना व्यर्थ है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अपराध, अराजकता और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था। माफिया सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे थे और “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” की स्थिति थी। न बेटियां सुरक्षित थीं और न व्यापारी। 2017 के बाद प्रदेश उपद्रवग्रस्त से उत्सव प्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था का मतलब रूल ऑफ लॉ है और आज यूपी भय के जोन से विश्वास के जोन में बदल चुका है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में सुधार की चर्चा करते हुए बताया कि आज प्रदेश में 44 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। पहले पुलिस के पास पर्याप्त ट्रेनिंग सेंटर नहीं थे, जबकि अब सभी भर्तियों की ट्रेनिंग आधुनिक सुविधाओं वाले अपने केंद्रों में हो रही है। खपरैल वाले पुराने कमरों की जगह आधुनिक बैरक बनाए गए हैं।
वहीं बजट पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार छल, कपट और घृणा की राजनीति करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कृषि, खेल, गृह विभाग, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा सदन में नेता प्रतिपक्ष के परिवार को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा की। अतुल प्रधान ने मथुरा में टंकी फटने की घटना, गन्ना मूल्य, ढुलाई दर और सब्जियों के दाम का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसान की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने सरकार पर धार्मिक मुद्दों को लेकर भी सवाल खड़े किए और कहा कि सनातन की बात करने वाली सरकार ही सबसे ज्यादा सनातन का अपमान कर रही है।
