कानपुर/लखनऊ : यूपी के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए रावतपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। महिला का दावा है कि शादी की पहली रात यानी सुहागरात पर उसे पता चला कि उसका पति नपुंसक है। इसके बाद ससुराल में उसे तरह-तरह की प्रताड़नाएं झेलनी पड़ीं।
सुहागरात पर टूटा भरोसा, फिर शुरू हुआ शोषण
महिला की शादी मार्च 2024 में उन्नाव के बांगरमऊ निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद सुहागरात पर पति के व्यवहार से वह हैरान और परेशान हो गई। इसके बाद उसे पता चला कि उसका पति नपुंसक है। जब उसने यह बात जेठानी से साझा की, तो उसे चुप रहने की धमकी दी गई। इसके बाद महिला ने आरोप लगाया कि एक दिन जेठ ने उसके साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती की कोशिश की, जब उसने यह बात जेठानी को बताई, तो उसे ही दोषी ठहराया गया। पति ने भी भाई का पक्ष लिया और पीड़िता का उत्पीड़न शुरू हो गया।
दहेज की मांग और घर से निकाला
महिला ने आगे कहा कि ससुराल वालों ने 2 लाख की मांग की और जब वह पूरी न कर सकी, तो उसके जेवर छीन लिए गए और घर से बाहर निकाल दिया गया। 9 मार्च 2025 को उसे घर से निकाल दिया गया, और 30 जून को जब पति के बीमार होने की सूचना पर वह मिलने पहुंची, तो उस पर जानलेवा हमला किया गया। उसका मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई।
जांच में जुटी पुलिस
रावतपुर थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच प्रारंभ कर दी गई है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस केस में आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण, हत्या की कोशिश, और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। यदि पति के नपुंसकता को जानबूझकर छुपाया गया, तो यह भी विवाह धोखाधड़ी के अंतर्गत आता है।
