कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है और इसी कड़ी में नरेंद्र मोदी ने राज्य में चुनाव प्रचार को तेज करते हुए आज तीन बड़ी जनसभाओं को संबोधित किया। पूर्वी मेदिनीपुर में आयोजित सभा में प्रधानमंत्री ने राज्य की सत्तारूढ़ सरकार पर जोरदार निशाना साधते हुए इस चुनाव को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह चुनाव सामान्य नहीं है, बल्कि बंगाल के गौरव और पहचान को फिर से स्थापित करने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए सोच-समझकर मतदान करें।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में “सबका साथ, सबका विकास” का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन का उद्देश्य सभी वर्गों का समान विकास होना चाहिए, लेकिन बंगाल में ऐसा देखने को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने विकास कार्यों को बाधित किया और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रही।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में अपार संभावनाएं होने के बावजूद विकास की गति धीमी रही है। उन्होंने कहा कि जहां देश के अन्य राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं बंगाल पिछड़ता जा रहा है, जिसके लिए राज्य की नीतियां जिम्मेदार हैं। आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेजी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के चलते देश में प्रगति हुई है, लेकिन बंगाल इस गति का पूरा लाभ नहीं उठा पाया।
मत्स्य पालन और समुद्री खाद्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में बंगाल के पास असीम संभावनाएं हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य आज भी आत्मनिर्भर नहीं बन सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को अपनी जरूरतों के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो कि सरकार की विफलता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में देश का मछली उत्पादन और समुद्री निर्यात दोगुना हुआ है, लेकिन बंगाल में इस क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। उन्होंने इसका कारण राज्य सरकार की गलत नीतियों को बताया।
युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के साथ दोहरा विश्वासघात हुआ है। एक ओर रोजगार के अवसर सीमित हैं और दूसरी ओर जहां अवसर हैं, वहां भी पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार व्याप्त है और योग्य युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
औद्योगिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब हल्दिया जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में देशभर से लोग रोजगार के लिए आते थे, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा कि अब यहां के युवा रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस चुनाव में परिवर्तन के लिए मतदान करें और राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल के भविष्य को तय करने का चुनाव है, जिसमें जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
