बरेली: जनपद के आंवला थाना क्षेत्र में पांच साल पहले हुए जसवीर हत्याकांड में अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है, जबकि दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह मामला 26 अप्रैल 2020 का है, जब लॉकडाउन के दौरान पुरानी रंजिश में जसवीर की हत्या कर दी गई थी।
26 अप्रैल 2020 में हुई थी हत्या
नीरज निवासी ग्राम आसपुर थाना आंवला (मृतक जसवीर के भाई) की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, उस दिन दोपहर करीब 1 बजे आरोपी नन्दन और महेन्द्र जसवीर को घर से यह कहकर ले गए कि कुछ लोग उससे मिलना चाहते हैं। जसवीर को गांव के पूर्व में बने सरकारी नलकूप के पास खेत में ले जाकर आरोपियों ने हमला कर दिया।
घात लगाकर गोली और फरसे से हमला
वहां पहले से मौजूद आरोपी छोटे, विजय उर्फ लल्ला और नन्हें ने नन्दन व महेन्द्र के साथ मिलकर जसवीर पर हमला किया। छोटे ने तमंचे से जसवीर के पेट में गोली मारी, जिससे वह गिर पड़ा। इसके बाद सभी ने फरसे से सिर और शरीर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने से गवाह गुड्डू घायल हो गया।
अदालत का फैसला
नन्दन , महेन्द्र, छोटे उर्फ बृजमोहन , विजय उर्फ लल्ला और नन्हें उर्फ सोनू को अदालत ने कई धाराओं में सज़ा सुनाई है। धारा 302/149 (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और ₹50,000 का जुर्माना, धारा 307/149 (हत्या के प्रयास) में आजीवन कारावास और ₹20,000 का जुर्माना, धारा 506 (धमकी) के तहत 7 साल का कारावास, धारा 148 (घातक हथियार से दंगा) में 3 साल का कारावास और धारा 147 (दंगा) के तहत 2 साल का कारावास निर्धारित किया गया है।
दो आरोपी हुए बरी
अदालत ने प्रवीण बाल्मीकि और आर्येन्द्र ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
मामले की टाइमलाइन
26 अप्रैल 2020: जसवीर की गोली मारकर हत्या, गवाह गुड्डू को भी गोली लगी।
30 अप्रैल 2020: आरोपी छोटे की निशानदेही पर 315 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद।
05 अक्टूबर 2021: सातों आरोपियों पर हत्या, हत्या के प्रयास और दंगे की धाराओं में आरोप तय।
17 अक्टूबर 2023: छोटे और प्रवीण पर आयुध अधिनियम के तहत आरोप तय।
31 अक्टूबर 2025: पांच दोषियों को उम्रकैद, दो को बरी करने का फैसला।
