बरेली : चलती ट्रेन में मौलाना तौसीफ की हत्या के बहुचर्चित मामले का आखिरकार जीआरपी ने खुलासा कर दिया है। करीब दो महीने तक चली जांच, सर्विलांस और एक अहम वीडियो क्लिप की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। पुलिस ने इस मामले में मुरादाबाद निवासी पंकज राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। जिस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
उर्स से लौट रहे थे मौलाना, चलती ट्रेन में हुई थी वारदात
यह घटना 26 अप्रैल 2025 की है। मौलाना तौसीफ उर्स में शामिल होने के बाद बरेली से ट्रेन द्वारा अपने घर किशनगंज (बिहार) लौट रहे थे। यात्रा के दौरान कैंट थाना क्षेत्र में ट्रेन के भीतर उनके साथ मारपीट हुई और बाद में उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे दिया गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मामला काफी चर्चा में रहा और पुलिस के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण ब्लाइंड मर्डर केस बन गया।
वीडियो क्लिप बनी सबसे बड़ा सुराग, ऐसे पहुंची पुलिस आरोपी तक

मृतक की पत्नी की शिकायत के बाद जीआरपी ने मामले की जांच शुरू की। जांच टीम ने बरेली से बिहार तक यात्रा करने वाले करीब 170 से 200 यात्रियों से पूछताछ की। साथ ही सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच के दौरान एक वीडियो क्लिप पुलिस के हाथ लगी, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। इसी वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान की पुष्टि हुई और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।
शराब के नशे में मोबाइल चोरी का शक, फिर ले ली जान
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपनी बहन के रिश्ते के सिलसिले में मुरादाबाद से बरेली आया था। घटना वाले दिन उसने शराब पी रखी थी। यात्रा के दौरान उसे शक हुआ कि मौलाना ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया। आरोपी ने मौलाना के साथ मारपीट की, और उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे दिया।
दोस्त बनकर बच निकला आरोपी, ओवैसी की पोस्ट के बाद चर्चा में आया मामला
इस वारदात के बाद कुछ यात्रियों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन उसने खुद को मौलाना का दोस्त बताकर लोगों को गुमराह कर दिया। इसके बाद में वह शाहजहांपुर स्टेशन पर उतरकर फरार हो गया और मुरादाबाद पहुंच गया। पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद द्वारा आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।मुखबिर की सूचना पर जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था जब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मौलाना तौसीफ की हत्या का मुद्दा उठाया था। वहीं अब जीआरपी द्वारा मामले के खुलासे के बाद मृतक की पत्नी ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए सरकार से मुआवजे की मांग की है।
