अकीदतमंद अमन और मोहब्बत का पैग़ाम लेकर लौटे घर
बरेली : फाजिल-ए-बरेलवी इमाम अहमद रजा खां (आला हज़रत) का उर्स-ए-रज़वी का अमन और मुहब्बत के साथ सम्पन्न हो गया। इसमें लाखों जायरीन, जिन्होंने देश और दुनिया के कोने-कोने से यहां शिरकत की थी। यह जायरीन कुल शरीफ़ के बाद अब धीरे-धीरे आला हजरत की मुहब्बत, और उनका पैगाम लेकर घर वापसी शुरू हो गई है। अक़ीदतमंदों ने दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां से इजाज़त लेकर इस दुआ और उम्मीद के साथ रुख़्सत की इजाजत ली। इसके साथ ही उन्होंने अगर ज़िंदगी रही, तो अगले साल फिर उर्स-ए-रज़वी में शामिल होने का वायदा किया।
सज्जादानशीन के हुए मुरीद
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उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीन सिलसिला-ए-आलिया कादरिया रज़विया से जुड़े। हज़रत सुब्हानी मियां और हज़रत अहसन मियां के मुरीद बने। तहरीक तहफ़्फ़ुज़ -ए-सुन्नियत (टीटीएस) की टीम ने मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी, मौलाना बशीर उल क़ादरी और मौलाना ज़ाहिद रज़ा की क़यादत में दरगाह पर गुलपोशी और फ़ातिहाख्वानी कर शुक्र अदा किया।
सज्जादानशीन ने अदा किया शुक्रिया
सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां ने उर्स में खिदमत करने वाले सभी वालंटियर्स, लंगर और सबील कमेटियों के साथ ही ज़िला प्रशासन, पुलिस, रेलवे और मीडिया का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर बड़ी तादाद में अक़ीदतमंद और मुरीद मौजूद रहे जिनमें राशिद अली खान, अजमल नूरी, शाहिद नूरी, परवेज़ नूरी, नासिर कुरैशी, ताहिर अल्वी, सय्यद फैज़ान अली समेत कई अहम शख्सियतें शामिल थीं।
