लखनऊ : राजधानी लखनऊ में मंगलवार को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और निवेश परिदृश्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से **उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0** का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम होटल ताज में संपन्न हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए वैश्विक निवेशकों, उद्यमियों और फार्मा सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार और 11 प्रमुख कंपनियों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन एमओयू के तहत मेडिकल डिवाइस, नई दवाओं के विकास और फार्मास्यूटिकल रिसर्च के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी जानलेवा रही इन्सेफेलाइटिस बीमारी को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति कमजोर थी, जिसके कारण पहले से स्थापित उद्यम भी पलायन करने को मजबूर थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। अब अपराधियों में कोई अपना-पराया नहीं है और कानून सभी के लिए समान है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद राज्य बन चुका है। सीएम योगी ने बताया कि अब तक उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेरोजगारी दर देश में सबसे न्यूनतम स्तर पर है। सरकार के पास पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को उद्योग लगाने में सुविधा मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार और उद्यमी मिलकर प्रयास करते हैं, तभी सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री ने ललितपुर में प्रदेश के पहले फार्मा पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्क के विकास कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहले से ही सेंटर लेवल की प्रयोगशालाएं मौजूद हैं, जो फार्मा सेक्टर के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी फार्मा सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार उद्योगों को हरसंभव सहयोग दे रही है। कार्यक्रम के अंत में निवेशकों और उद्यमियों ने उत्तर प्रदेश को फार्मा और मेडिकल डिवाइस हब के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई।
