बरेली : यूपी के बरेली में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक साथ कई मोर्चों पर सख्त अभियान छेड़ दिया है। शहर में जहां रेलवे प्रशासन अपनी बहुमूल्य जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है, तो वहीं नगर निगम भी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोज़र चलाकर अतिक्रमण हटाने में जुटा है। इस संयुक्त कार्रवाई से अवैध कब्जेदारों में हड़कंप मच गया है।
रेलवे भूमि पर चला अभियान, कबाड़ और निर्माण सामग्री हटाई
पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) प्रशासन की ओर से ईटपजाया चौराहा से लेकर इज्जतनगर रेलवे स्टेशन तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान सामने आया कि लंबे समय से रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर कबाड़ का कारोबार किया जा रहा था। कई स्थानों पर रेत, बजरी, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री जमा कर रेलवे भूमि का गलत इस्तेमाल हो रहा था।रेलवे प्रशासन ने पहले कई बार नोटिस जारी कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन चेतावनियों की अनदेखी किए जाने पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान एक-एक कर सभी अवैध कब्जों को हटाया गया।
मिनी बाईपास पर नगर निगम का बुलडोज़र एक्शन
इसी क्रम में नगर निगम ने भी शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए सख्ती दिखाई। मिनी बाईपास क्षेत्र में लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सड़क किनारे बने अस्थायी और पक्के अवैध निर्माणों को हटाया गया। नगर निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु करना और जाम की समस्या से आम लोगों को राहत दिलाना है।
अभियान के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार ऐसे अभियान चलाए जाएंगे। रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि उनकी जमीन पर दोबारा किसी तरह का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, नगर निगम ने भी स्पष्ट किया है कि सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने का दावा
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मकसद शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाना है, ताकि आम नागरिकों को यातायात, सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।अतिक्रमण हटने से न केवल सड़कें चौड़ी होंगी, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
