सिंगल फेज पर करीब 6,000 और थ्री फेज पर 11,000 तक खर्च, किसानों को अभी राहत, रिबेट का विकल्प भी मिलेगा
लखनऊ : यूपी में अब बिजली कनेक्शन लेने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पॉवर कॉर्पोरेशन ने आदेश दिया है कि नए बिजली कनेक्शन पर केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में पांच से दस हजार रुपये अतिरिक्त देने पड़ सकते हैं। अभी तक नए कनेक्शन पर पुराना मीटर महज आठ सौ रुपये में मिलता था, जबकि अब सिंगल फेज प्रीपेड स्मार्ट मीटर के लिए करीब 6,016 और थ्री फेज मीटर के लिए 11,341 तक भुगतान करना पड़ सकता है।
मीटर की कीमत में कितना अंतर?
सिंगल फेज मीटर (पुराना) में 872, थ्री फेज मीटर (पुराना) 2,921, सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर 6,016, थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर: 11,341 हो गया है। हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये पैसे उपभोक्ताओं से सीधे वसूले जाएंगे या किसी अन्य योजना के तहत इसका समाधान होगा। कॉरपोरेशन ने इस पर कोई अंतिम गाइडलाइन जारी नहीं की है।
उपभोक्ता परिषद ने जताई आपत्ति
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मीडिया से कहा कि आरडीएसएस योजना के तहत खरीदे गए प्रीपेड मीटरों पर आम जनता से शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पॉवर कॉर्पोरेशन ऐसे मीटर लगाकर उपभोक्ताओं से पैसे कैसे वसूलेगा। वहीं भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट प्रीपेड उपभोक्ताओं को 5% तक रिबेट दिया जा सकता है।
स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश
पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने सभी वितरण निगमों को निर्देश दिए हैं कि अब नए कनेक्शन पर केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर ही लगाए जाएँ। पहले से लगे मीटर बदले जा रहे हैं, करीब 37 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं। खराब मीटर बदलने या भार बढ़वाने पर भी स्मार्ट मीटर ही लगाया जाएगा। कृषि उपभोक्ताओं को अभी इस आदेश से अलग रखा गया है। जहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू नहीं हुआ है, वहाँ कार्य शुरू होते ही यह आदेश लागू होगा।
किसानों को राहत, बाकी उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत
फिलहाल किसानों को इस बदलाव से राहत दी गई है, लेकिन घरेलू, वाणिज्यिक और अन्य उपभोक्ताओं को इस बदलाव के लिए तैयार रहना होगा। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत का सही रिकॉर्ड रहेगा, लेकिन शुरुआत में अतिरिक्त शुल्क से आम उपभोक्ता चिंतित हैं।
