हेट स्पीच केस में 3 साल की सजा मिलने पर रद्द की थी सदस्यता, हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला निरस्त कर दी राहत
लखनऊ/मऊ : यूपी के मऊ जिले से विधायक और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता बहाल कर दी गई है। हेट स्पीच केस में एमपी-एमएलए कोर्ट से तीन साल की सजा मिलने पर उनकी सदस्यता खत्म कर दी गई थी, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला निरस्त कर उन्हें राहत दी। इसके बाद आज (सोमवार) उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने आदेश जारी कर अब्बास अंसारी को मऊ विधानसभा क्षेत्र का वैध सदस्य घोषित कर दिया।
हेट स्पीच केस में सजा
अब्बास अंसारी पर हेट स्पीच (घृणा फैलाने वाली भाषा) मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के आधार पर उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत
अब्बास अंसारी ने निचली अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद निचली अदालत के फैसले को निरस्त कर उन्हें राहत दी। कोर्ट के आदेश के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता बहाल कर दी।
विधानसभा सचिवालय का आदेश
विधानसभा सचिवालय ने अपने आदेश में कहा कि अब्बास अंसारी को अदालत से राहत मिलने के बाद मऊ विधानसभा क्षेत्र का वैध विधायक माना जाएगा।
जानें पूरा मामला
अब्बास अंसारी पूर्व सांसद मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। वह मऊ विधानसभा सीट से विधायक हैं और राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें हाल ही में हेट स्पीच केस भी शामिल है। कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी सदस्यता बहाल होना राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
