लखनऊ/प्रयागराज : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह घटना घोर निंदनीय और अक्षम्य है और इससे प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता उजागर होती है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष भी इसी सरकार के दौरान शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी सनातनी परंपरा में विघ्न डाला गया था।
शाही स्नान कोई नया आयोजन नहीं, फिर अव्यवस्था क्यों?
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई पहली बार नहीं हो रहा, फिर हर बार ऐसी घटनाएं भाजपा सरकार में ही क्यों सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर भाजपा का कुशासन और नाकाम व्यवस्था है।
अहंकारी शासन, प्रशासन पर हावी: अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में शासन और प्रशासन का रवैया अहंकारी हो चुका है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा- “मुख्य को हर जगह ‘मुख्य’ बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।” भाजपाई शासन-प्रशासन अपने से बड़ा किसी को मानने को तैयार नहीं है, चाहे वह साधु-संत हों या श्रद्धालु। अब क्या AI पर भी दोष मढ़ा जाएगा? उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए कभी तकनीक तो कभी अन्य बहाने खोजती है।
अखिलेश यादव ने सवाल किया- “अब क्या इसका दोष भी एआई पर मढ़ेंगे?”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रदेश के गृह सचिव अपने स्तर पर मनमानी कर रहे हैं तो यह भी गंभीर मामला है और अगर किसी के निर्देश पर ऐसा हो रहा है तो यह और भी अधिक चिंताजनक है। सपा अध्यक्ष ने माघमेला क्षेत्र में हुई घटनाओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लापरवाह और संवेदनहीन हो चुकी है और हर वर्ग को अपमानित करना मानो उसने अपना अधिकार समझ लिया है।
सनातनी परंपराओं का सम्मान सिर्फ भाषणों में
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा केवल भाषणों में सनातन और परंपराओं की बात करती है, जबकि ज़मीनी हकीकत में सनातनी आस्थाओं और परंपराओं को ठेस पहुंचाई जा रही है।
‘इलाज नहीं, बीमार न हों लोग’- विजन इंडिया समिट से अखिलेश यादव का समग्र स्वास्थ्य मंत्र
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भुवनेश्वर में आयोजित VISION INDIA: Holistic Health Summit में कहा कि देश को इलाज-केंद्रित सोच से बाहर निकलकर ‘समग्र स्वास्थ्य’ की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि तन-मन-वातावरण का संतुलन ही असली स्वास्थ्य है और इसे जन आंदोलन बनाना समय की मांग है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारें स्वास्थ्य पर खर्च को Expenditure नहीं बल्कि Investment समझें, क्योंकि स्वस्थ नागरिक ही देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने बीमारी से पहले बचाव, Health Education, AI व डिजिटल टेक्नोलॉजी के उपयोग, दवा घोटालों पर सख्ती और गरीबों को पूरी तरह मुफ्त इलाज देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा-‘समग्र स्वास्थ्य’ कोई स्लोगन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए।
