संभल-बरेली-हापुड़ में मीट कारोबार पर इनकम टैक्स-जीएसटी के 100 अफसरों का छापा
लखनऊ/बरेली/संभल/हापुड़ : यूपी के तीन जिलों संभल, बरेली और हापुड़ में इनकम टैक्स (IT) और जीएसटी विभाग की संयुक्त टीमों ने एक साथ बड़ी छापेमारी की। करीब 70 वाहनों और 100 से अधिक अफसरों की इस राज्यव्यापी कार्रवाई से मीट एवं अन्य कारोबार से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई का दायरा इतना व्यापक था कि स्थानीय पुलिस को भी आख़िरी वक्त पर सूचना दी गई। संभल में इनकम टैक्स और जीएसटी विभाग की टीमों ने हाजी इरफान और हाजी इमरान के आवास व फैक्ट्री पर एक साथ छापा मारा। यह दोनों मीट कंपनी चलाते हैं, जिसका कारोबार करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। टीम ने कंपनी से जुड़े चार कर्मचारियों के घरों पर भी छापेमारी की।
मौके पर PAC और स्थानीय पुलिस तैनात रही।
टीमों ने कंपनी की अकाउंट बुक, इनवॉइस, विदेशी निर्यात रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा जब्त किया। जांच एजेंसियां अब हवाला ट्रांजैक्शन और टैक्स चोरी के एंगल से लेनदेन खंगाल रही हैं। बताया जा रहा है कि इंडियन फूड एग्रो लिमिटेड की बरेली में भी यूनिट है। यहां भी इनकम टैक्स और जीएसटी की टीमें एक्शन में दिखीं। सम्भल और हापुड़ अफसरों ने शहर के बाहरी इलाकों में स्थित मीट प्रोसेसिंग यूनिट्स और गोदामों पर दबिश दी। कई प्रतिष्ठानों से कैश रजिस्टर, टैक्स रिटर्न फाइलें और निर्यात से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि यहां मार्या फ्रोजन ग्रुप समेत कई यूनिट्स की जांच की जा रही है।
हापुड़ में हाजी यासीन के ठिकानों पर छापा, गाजियाबाद तक जांच

तीसरा बड़ा ऑपरेशन हापुड़ में बताया गया है। यहां टीम ने प्रसिद्ध मीट कारोबारी हाजी यासीन के ठिकानों पर रेड की। सूत्रों के अनुसार, उनकी फैक्ट्री गाजियाबाद में स्थित है, जहां से बड़े पैमाने पर निर्यात होता है। तो वहीं, दाना कारोबारी असलम कुरैशी और वकील नितिन गर्ग के घरों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई। गाजियाबाद और मेरठ से भी टैक्स अधिकारियों की बैकअप टीमें मौके पर पहुंचीं।
राज्यव्यापी एक्शन प्लान, 70 गाड़ियों में पहुंची 100 अफसरों की टीम

सुबह करीब 4:30 बजे से ऑपरेशन शुरू हुआ। तीनों जिलों में टीमें अलग-अलग दिशाओं से रवाना हुईं ताकि किसी को भनक न लगे।
70 गाड़ियों के काफिले में आई संयुक्त टीमों में इनकम टैक्स, जीएसटी, सीआईयू (सेंट्रल इंटेलिजेंस यूनिट) और टेक्निकल एनालिसिस विंग के अफसर शामिल रहे। एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि “यह एक कोऑर्डिनेटेड इंटेलिजेंस-बेस्ड ऑपरेशन है। जिन कारोबारियों पर कार्रवाई हुई है, उनके बैंक खातों और निर्यात दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं।”
1000 करोड़ से ज्यादा के लेनदेन की जांच
ED और IT के पास पहले से उपलब्ध डिजिटल डेटा के आधार पर
इन कंपनियों के विदेशी व्यापार और टैक्स रिटर्न में असमानता पाई गई थी। अब कार्रवाई के बाद जब्त दस्तावेजों और हार्ड डिस्क की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि अघोषित निर्यात आय और फर्जी टैक्स क्रेडिट
जैसे मामलों पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का संकेत “यह सिर्फ शुरुआत है”एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “तीनों जिलों में हुई छापेमारी पहला चरण है। आगे जांच बढ़ने पर अन्य राज्यों के ठिकानों पर भी कार्रवाई हो सकती है। टैक्स चोरी के हर नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।”
