बदायूं: जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आस्था का स्नान कई परिवारों के लिए मातम में बदल गया। उझानी इलाके के कछला गंगा घाट और उसहैत क्षेत्र के अटैना घाट पर सोमवार को हुए अलग-अलग हादसों में किशोर-किशोरी समेत 25 श्रद्धालु गंगा की तेज धारा में बह गए। हादसों के बाद घाटों पर चीख-पुकार मच गई। गोताखोरों और पुलिस टीमों ने राहत अभियान चलाकर 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन पांच श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं एक किशोरी अब भी लापता बताई जा रही है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।
हाथरस, मैनपुरी और फर्रुखाबाद से आए श्रद्धालु हादसे का शिकार
पहला हादसा कछला घाट पर हुआ, जहां हाथरस जिले के हसायन थाना क्षेत्र के गांव कानऊ निवासी ओमवीर का परिवार गंगा स्नान करने पहुंचा था। स्नान के दौरान उनका बेटा नीलेश और रिश्ते में बहन लगने वाली शिखा गहरे पानी में चले गए। बचाने पहुंचे अन्य लोग भी धारा में फंस गए। काफी मशक्कत के बाद नीलेश का शव बरामद कर लिया गया, जबकि किशोरी शिखा की तलाश जारी है। इसी दौरान कछला पुल के पास सिविल लाइंस क्षेत्र के राजकुमार और उसके साथी सूरज भी गंगा में बह गए। सूरज को बचा लिया गया, लेकिन राजकुमार की मौत हो गई। वहीं हाथरस के मुरसान निवासी रोहित भी दोस्तों के साथ स्नान करते समय गहरे पानी में डूब गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
अटैना घाट पर भी दो युवकों की डूबने से मौत
उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना घाट पर भी दो अलग-अलग हादसों में मैनपुरी निवासी पिंटू और फर्रुखाबाद निवासी अनुपम की डूबने से मौत हो गई। बताया गया कि अनुपम अपने मामा के साथ गंगा पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी वह भंवर में फंस गया। दोनों युवकों के शव पुलिस ने बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
डीएम-एसएसपी पहुंचे घाट, राहत अभियान तेज
घटनाओं की सूचना मिलते ही डीएम अवनीश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से पीएसी गोताखोरों, मोटर बोट और सुरक्षा टीमों को लगातार राहत अभियान में लगाया गया है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
