सपा प्रमुख बोले – शंकराचार्य से सर्टिफिकेट मांगना सनातन धर्म का सबसे बड़ा अपमान, भाजपा के हिसाब से काम नहीं किया, तो ED-CBI का नोटिस तय
संविधान, परंपरा और भाईचारा तोड़ रही है बीजेपी सरकार, संभल मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की जताई उम्मीद
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर सनातन धर्म की परंपराओं को तोड़ने और साधु-संतों व शंकराचार्य का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य और सभी साधु-संत हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक शोभा हैं, लेकिन भाजपा सरकार जानबूझकर उनका अपमान कर रही है। बुधवार को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा रही है कि लोग साधु-संतों और शंकराचार्य से आशीर्वाद लेते हैं, लेकिन भाजपा सरकार अधिकारियों के माध्यम से उनके साथ दुर्व्यवहार करा रही है, जो बेहद निंदनीय है।
“शंकराचार्य से प्रमाण पत्र मांगना सबसे बड़ा अपमान”
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा, “अगर कोई अधिकारी शंकराचार्य से उनका परिचय या प्रमाण पत्र मांगता है, तो इससे बड़ा सनातन धर्म का अपमान और कुछ नहीं हो सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य, साधु-संतों, माघ मेला और देश की धार्मिक परंपराओं का अपमान किया है।
“संविधान और कानून भी टूट रहा”
सपा अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा सरकार में संविधान का सम्मान नहीं हो रहा है।।कानून और परंपराओं को तोड़ा जा रहा है। भाईचारे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में किसी के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं हो रहा।
“भाजपा के हिसाब से नहीं चले तो ED-CBI भेजी जाती है”
उन्होंने कहा कि आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनमानी पर उतारू है और जो लोग सरकार के हिसाब से काम नहीं करते, उन्हें डराने-धमकाने के लिए नोटिस भेजे जाते हैं। ED और CBI का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा, “लोगों की आवाज और सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है।”
“सच्चे संत वही हैं जो सत्य के मार्ग पर चलते हैं”
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी “शंकराचार्य जी और साधु-संतों का आशीर्वाद लेकर जनता की सेवा करेगी।”उन्होंने यह भी जोड़ा कि “जो साधु-संत सत्य और सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं, वही असली संत होते हैं। जो सरकार के हिसाब से चलते हैं, वे सच्चे संत नहीं हैं।”संभल से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर अखिलेश यादव ने कहा कि “मुझे उम्मीद है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट स्वयं संज्ञान लेंगे।”
3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सुनवाई प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। सपा ने मांग की है कि 80 वर्ष से अधिक उम्र, विकलांग और बीमार मतदाताओं को सुनवाई के लिए घर पर ही सुविधा दी जाए। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश में 1 करोड़ 04 लाख नो-मैपिंग और 2 करोड़ 22 लाख लॉजिकल एरर वाले मतदाताओं सहित कुल 3 करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जिन्हें 10-15 किलोमीटर दूर सुनवाई स्थल तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
आयोग ने घर पर दी सुनवाई की सुविधा
सपा ने याद दिलाया कि भारत निर्वाचन आयोग ने 27 अक्टूबर 2025 को SIR की घोषणा के समय 80+ वृद्ध, दिव्यांग और बीमार मतदाताओं को घर पर सुनवाई की सुविधा देने के निर्देश जारी किए थे, जिसे अन्य राज्यों में लागू भी किया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। सपा ने चुनाव आयोग से तत्काल लिखित निर्देश जारी कर राहत देने की मांग की है।
