लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दिए जा रहे “अव्यवहारिक और अमानवीय एसआईआर टारगेट” को लेकर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। 27 नवंबर 2025 को जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ भाई -बहनों पर दबाव बनाकर उन्हें मानसिक तनाव में धकेला जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने न सिर्फ नई नौकरियां बंद कर दी हैं, बल्कि जो नौकरियां बची हैं। उन्हें भी इतना कठिन बना दिया है कि लोग स्वयं ही नौकरी छोड़ने को मजबूर हो जाएं।
बीएलओ मशीन नहीं हैं, इंसान हैं… भाजपा उनकी जान से खेल रही है- अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया को भाजपा अपने “चुनावी महाघोटाले” का हिस्सा बना रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि “जो बीएलओ हताश होकर नौकरी छोड़ रहे हैं, या जो मानसिक दबाव में जान तक दांव पर लगा रहे हैं, वे भाजपा की चुनावी घपलेबाजी का खामियाज़ा क्यों भुगतें?”उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे इस अन्यायपूर्ण प्रक्रिया के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं। साथ ही बीएलओ से कहा कि “ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे आपका परिवार प्रभावित हो। समाजवादी पार्टी हर बीएलओ के साथ है।”
भाजपा-चुनाव आयोग की नाकामी से बीएलओ की जानें जा रही
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि बीएलओ को गलती का जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की नाकामी की वजह से बीएलओ मानसिक दबाव में मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “मतदान अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, मतदाता का सम्मान होना चाहिए, न कि एसआईआर प्रक्रिया में उलझाकर अपमानित किया जाए।” सपा अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोगों के वोट काटे जाने की आशंका है, क्योंकि भाजपा पीडीए (पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक) से घबरा गई है।
अगर ईमानदारी से चुनाव हों जाएं, तो भाजपाईयों के घर वाले भी वोट न दें!
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज का दौर “बेहद दुखदायी और दमनकारी” है, लेकिन हर क्रूर शासन का अंत होता है।उन्होंने दावा किया कि भाजपा की ज्यादतियों से जनता में उबाल है और पार्टी अपने अंतकाल की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से चुनाव हो जाएं तो भाजपाईयों के घर वाले तक भाजपा को वोट न दें। भाजपा जाए तो शांति आए।”
मुआवजे की मांग और सपा का बड़ा ऐलान
चुनाव आयोग से मृतक बीएलओ के आश्रितों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग। समाजवादी पार्टी की ओर से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में डूबी हुई है, और काम के दबाव में किसी की मौत होने पर न तो अपनी व्यवस्था सुधारना चाहती है, न ही मुआवजा देना।
