कानपुर /लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कानपुर का नाम भारतीय जनता पार्टी ने बदनामपुर बना दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “एनकाउंटर माफिया, कफ सिरप माफिया, नीट माफिया और स्कैम माफिया” जैसे नए रूप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भू -माफिया पर कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन कानपुर में भाजपा नेताओं को ही भू-माफियाओं के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
गड्ढामुक्त अभियान और भ्रष्टाचार के आरोप
सपा प्रमुख ने भाजपा के ‘गड्ढामुक्त अभियान’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ साल में भी सड़कों की हालत नहीं सुधरी। उन्होंने नोएडा में हाल में हुई दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बजट का बंदरबांट हुआ है, लेकिन सड़कों के गड्ढे जस के तस हैं। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश का ढिंढोरा पीटती है, लेकिन जमीन पर नई फैक्ट्रियां नजर नहीं आतीं।युवाओं में बेरोजगारी और हताशा बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरियां इसलिए नहीं दी जा रहीं क्योंकि आरक्षण से बचना चाहते हैं।
किसान, व्यापारी और कानून व्यवस्था
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं पा रहे, खाद-बीज के लिए भटक रहे हैं। व्यापारियों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि अपराध और भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का दावा झूठा साबित हुआ है। उन्होंने इटावा, कन्नौज और कानपुर को मिलाकर “ट्रायंगल ट्रेड” मॉडल के तहत विकास की बात कही। साथ ही भाजपा पर कम्युनल राजनीति करने का आरोप लगाया।
गड्ढामुक्त अभियान की खुल रही पोल
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘गड्ढामुक्त अभियान’ की सच्चाई रोज उजागर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद प्रदेश की सड़कों की हालत खराब है। अखिलेश यादव ने नोएडा में कार के खुले नाले में गिरने और पूर्व में हुई दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि नौ साल में भी गड्ढे नहीं भरे गए। उन्होंने सरकार पर बजट के बंदरबांट और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। निवेश, रोजगार और किसानों के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
किसान फसल के उचित मूल्य से वंचित
उनका कहना था कि जमीन पर विकास नजर नहीं आ रहा, किसान उचित मूल्य से वंचित हैं और युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। पुलिस व्यवस्था, मंडियों की स्थिति और व्यापारियों के हितों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई
