यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बड़े नेताओं की सुरक्षा बढ़ी, अखिलेश यादव-मायावती समेत कई नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सुझाव के बाद एहतियाती कदम, कई मंत्रियों और प्रमुख नेताओं को भीड़भाड़ वाली रैलियों में जैकेट पहनने की सलाह
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के कई प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। जानकारी के मुताबिक, करीब दर्जन भर नेताओं को एहतियात के तौर पर बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती समेत कई मंत्री और प्रमुख राजनीतिक नेता शामिल हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सुझाव पर बढ़ाई गई सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय के सुझाव के बाद उत्तर प्रदेश के कुछ चर्चित नेताओं की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन नेताओं को पहले से ही अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन चुनावी रैलियों और बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रमों को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं। बताया जा रहा है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संबंधित नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं।
कई मंत्रियों को भी मिली जैकेट
बुलेटप्रूफ जैकेट पाने वाले नेताओं में प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, ओम प्रकाश राजभर और डॉ. संजय निषाद के नाम बताए जा रहे हैं। इन नेताओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही विशेष इंतजाम हैं। अब चुनावी गतिविधियां तेज होने के साथ सुरक्षा एजेंसियां भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
सुरेश राणा और संगीत सोम को भी एहतियात की सलाह
पूर्व मंत्री सुरेश राणा और पूर्व विधायक संगीत सोम समेत कुछ अन्य नेताओं को भीड़ वाले कार्यक्रमों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर आपात स्थिति में बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
रैलियों और भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। बड़े नेताओं की रैलियों और जनसभाओं में हजारों की संख्या में समर्थक जुटते हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां भीड़ के बीच नेताओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं। हालांकि, नेताओं को जैकेट उपलब्ध कराने का कदम किसी नए खतरे की पुष्टि नहीं माना जा रहा है। इसे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर देखा जा रहा है।
पहले से मिली है अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा
बताया गया है कि इनमें से कई नेताओं को पहले से ही जेड, वाई और एक्स श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इसके बावजूद चुनावी माहौल में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक रैलियों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अब सुरक्षा एजेंसियों की निगाह प्रमुख नेताओं के कार्यक्रमों, जनसभाओं और भीड़ वाले आयोजनों पर रहेगी।
