मुरादाबाद में आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 को लेकर बड़ा ऐलान, भागीदारी शुल्क में 6 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की कटौती
मुरादाबाद में प्रेसवार्ता के दौरान निर्यातकों को बड़ी राहत, शीर्ष 10 प्रदर्शकों को मिलेगा विशेष सम्मान; उद्योग ने हस्तशिल्प निर्यात में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा
मुरादाबाद: आगामी आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 को लेकर हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद ने बड़ी घोषणा की है। मुरादाबाद स्थित परिषद कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मेले की भागीदारी दरों में ऐतिहासिक कटौती का ऐलान किया गया। परिषद ने भागीदारी शुल्क में 6 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की कमी की है। उद्योग जगत ने इस फैसले का स्वागत करते हुए हस्तशिल्प निर्यात में 20 प्रतिशत वृद्धि के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया।
निर्यातकों को बड़ी वित्तीय राहत
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष नीरज खन्ना ने कहा कि आईएचजीएफ दिल्ली मेले की भागीदारी दरों में की गई कटौती से प्रदर्शकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी। इससे छोटे और मध्यम निर्यातकों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस प्रमुख मेले में भाग लेना अधिक आसान होगा। उन्होंने निर्यातकों से उत्पादों के डिजाइन, नवाचार, प्रस्तुति और व्यापारिक रणनीति पर विशेष ध्यान देने की अपील की, ताकि कम लागत का लाभ नए व्यापारिक अवसरों में बदला जा सके।
हर प्रदर्शक 5 से 10 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को बुलाए
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के महानिदेशक एवं मुख्य मार्गदर्शक राकेश कुमार ने निर्यातकों से अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को मेले में आमंत्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक प्रदर्शक कम से कम 5 से 10 संभावित अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को मेले में आमंत्रित करे। इससे मेले में खरीदारों की संख्या बढ़ेगी और निर्यातकों को नए बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सबसे अधिक खरीदार जुटाने वाले शीर्ष 10 प्रदर्शकों को सम्मान
मेले के अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने घोषणा की कि आईएचजीएफ दिल्ली मेले में सबसे अधिक खरीदारों को आकर्षित करने वाले शीर्ष 10 प्रदर्शकों को परिषद की ओर से विशेष सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भागीदारी शुल्क में कमी किए जाने के बावजूद मेले की गुणवत्ता, व्यापकता और पेशेवर स्तर से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुरादाबाद के निर्यातकों ने फैसले का किया स्वागत
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने भागीदारी शुल्क में कटौती के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यातकों के लिए बेहद लाभकारी है। उनके मुताबिक, शुल्क में कमी से छोटे और मध्यम निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अधिक अवसर मिलेगा। उन्होंने आईएचजीएफ दिल्ली मेले को हस्तशिल्प उद्योग के लिए वैश्विक व्यापार का महत्वपूर्ण मंच बताया।
20 प्रतिशत निर्यात वृद्धि का लक्ष्य संभव
नावेद उर रहमान ने कहा कि हस्तशिल्प निर्यात में 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए निर्यातकों को उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन में नवाचार और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ संपर्क को और मजबूत करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन निर्यातकों को इस दिशा में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
कई शहरों के निर्यातक ऑनलाइन जुड़े
प्रेसवार्ता में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद और विभिन्न उद्योग संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। मुरादाबाद के अलावा फिरोजाबाद, नोएडा और आगरा सहित कई शहरों के सदस्य ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। कार्यक्रम में निर्यातकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 को सफल बनाने और निर्यात कारोबार को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया।
नए खरीदारों और वैश्विक बाजार पर रहेगा जोर
परिषद और उद्योग संगठनों ने कहा कि आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2026 केवल उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच नहीं है, बल्कि नए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने, उत्पादों में नवाचार लाने और वैश्विक बाजार में भारतीय हस्तशिल्प की पहुंच बढ़ाने का बड़ा अवसर है। परिषद ने सभी निर्यातकों से कम की गई भागीदारी दरों का लाभ उठाने, आकर्षक स्टॉल तैयार करने और अधिक से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को मेले में आमंत्रित करने की अपील की है।
रिपोर्ट : रेहान
