लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बिजली, रोजगार और महंगाई को लेकर समाजवादी पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। सपा विधायकों का कहना था कि यह बजट आकार में भले ही बड़ा है, लेकिन आम आदमी, किसान और युवा वर्ग को इससे कोई ठोस राहत नहीं मिलती दिख रही है। सपा विधायक शज़िल इस्लाम अंसारी ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है, जबकि सरकार केवल आंकड़ों का खेल दिखा रही है। उन्होंने बरेली में कृषि विश्वविद्यालय और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एम्स की स्थापना की मांग भी रखी।
बिजली के मुद्दे पर सपा का वॉकआउट, मंत्री का तंज
विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान बिजली आपूर्ति को लेकर समाजवादी पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सपा का आरोप था कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था बदहाल है और ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हैं। इस पर जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय हालात इतने खराब थे कि महिलाएं बिजली के तारों पर कपड़े सुखाया करती थीं। मंत्री के इस बयान के बाद सदन में शोरगुल तेज हो गया और सत्तापक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
प्रमाण पत्र, पोर्टल और अधिकारियों के फोन का मुद्दा
सदन में सपा विधायकों ने प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार को घेरा। सपा विधायक मनोज पारस ने कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र समय पर नहीं बन पा रहे हैं। जिलों में हजारों आवेदन लंबित पड़े हैं और प्रक्रिया इतनी जटिल कर दी गई है कि आम आदमी परेशान हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर एक खास वर्ग के लोगों के नाम काटे जा रहे हैं और गलत तरीके से फार्म-7 भरवाए जा रहे हैं। साथ ही बीएलओ की ड्यूटी के दौरान मौत होने पर मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठाई। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि अधिकारी विधायकों के फोन तक नहीं उठाते, जबकि थानों में दलालों से बातचीत के लिए समय मिल जाता है। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार ने सभी अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
कानून-व्यवस्था और अपराध के आंकड़ों पर घमासान
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा विधायक संग्राम यादव ने पुलिस कार्रवाई और हाफ एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए और हाईकोर्ट की टिप्पणियों का हवाला दिया। इसके जवाब में सुरेश खन्ना ने एनसीआरबी के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश 20वें स्थान पर है और हत्या के मामलों में 29वें स्थान पर। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम के खिलाफ सरकार पूरी तरह सक्रिय है, अब तक हजारों IMEI नंबर सीज किए गए हैं और करोड़ों रुपये की ठगी की रकम वापस कराई गई है।
वहीं पंचायतीराज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि पंचायत और ब्लॉक चुनाव जनता से सीधे कराने के लिए दो बार केंद्र को पत्र लिखा जा चुका है। सदन में दिनभर चली बहस के बाद साफ दिखा कि बजट और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होता जा रहा है।
