कन्नौज। जिले के छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में रविवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तालग्राम रोड स्थित भाऊलपुर चौराहे के पास कोयले से भरा एक भारी कंटेनर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए। कई लोगों के कंटेनर के नीचे दबने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ, जब कंटेनर छिबरामऊ की ओर जा रहा था। अचानक चालक का नियंत्रण वाहन पर से हट गया और कंटेनर सड़क किनारे रखे खोखों को टक्कर मारते हुए पलट गया। इस दौरान वहां से गुजर रहे राहगीर और बाइक सवार इसकी चपेट में आ गए। कई बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में चीख-पुकार मच गई। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। कंटेनर के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई, लेकिन कंटेनर का वजन अधिक होने के कारण उसे हटाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
राहत कार्य के दौरान जो दृश्य सामने आए, वे बेहद विचलित करने वाले थे। कंटेनर के नीचे दबे लोगों के अंग-भंग होने की खबरों ने पूरे इलाके को दहला दिया। अब तक दो शवों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है। मृतकों की पहचान अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी है, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका बनी हुई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। सुरेश मालिक (सीओ) और कपिल दुबे (कोतवाल) समेत कई थानों की पुलिस बल घटनास्थल पर मौजूद है। पुलिस ने इलाके को घेरकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। क्षेत्रीय विधायक अर्चना पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बादाम पाल, राजीव सिंह गौर (पुच्ची) और मुनीश मिश्रा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से राहत कार्य की जानकारी ली। उन्होंने घायलों को जल्द से जल्द बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है, जहां उनका इलाज जारी है। हालांकि, अभी तक मृतकों और घायलों की कुल संख्या को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरा मलबा हटाकर सर्च ऑपरेशन खत्म नहीं हो जाता, तब तक सही आंकड़ा सामने आना मुश्किल है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों के संचालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार और ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही रहती है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में सख्त कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल, मौके पर राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीम हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला जा सके। पूरे इलाके में मातम और दहशत का माहौल है, वहीं लोगों की नजरें अब प्रशासन की कार्रवाई और राहत कार्य की गति पर टिकी हुई हैं।
