पटना/मोकामा/लखनऊ : बिहार की राजनीति में एक बार फिर रंग जमाने के लिए नेता प्रतिपक्ष और राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने अपनी “बिहार अधिकार यात्रा” को नया अंदाज दिया। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश करते वक्त तेजस्वी घोड़े पर सवार नजर आए। यह वही इलाका है जिसे लंबे समय से बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह का गढ़ माना जाता है। तेजस्वी का यह अंदाज जहां भीड़ का आकर्षण बना, वहीं इसे अनंत सिंह को सीधी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।
घोड़े पर सवार तेजस्वी, समर्थकों का उमड़ा हुजूम
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बख्तियारपुर से बेगूसराय जाते समय तेजस्वी ने अपने ‘रथ’ से उतरकर घोड़े पर चढ़ाई की। सड़क किनारे खड़े लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मोकामा में उन्होंने समर्थकों का अभिवादन किया और जनता से आशीर्वाद लिया। उनके पीछे भारी संख्या में कार्यकर्ताओं का हुजूम चलता रहा।
5 रैलियों से शुरू हुई थी यात्रा
तेजस्वी यादव ने 16 सितंबर को “बिहार अधिकार यात्रा” की शुरुआत की थी। पहले दिन ही उन्होंने पटना के मसौढ़ी और फतुहा, नालंदा के इस्लामपुर और हिलसा, तथा जहानाबाद में कुल 5 रैलियों को संबोधित किया। खास बात यह रही कि नालंदा, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह क्षेत्र है, वहां उन्होंने नीतीश को सीधी चुनौती दी और कहा “2005 से 2025, बहुत हुआ नीतीश।”
चिराग पासवान को बताया ‘बड़ा भाई’
यात्रा के दौरान तेजस्वी ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर भी हल्की-फुल्की टिप्पणी की। एनडीए के एक पोस्टर में चिराग को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बताया गया था। इस पर तेजस्वी ने कहा “अगर चिराग की महत्वाकांक्षा है तो उन्हें खुलकर कहना चाहिए। लेकिन मुझे उनकी शादी की चिंता ज्यादा है। मैं छोटा हूं, फिर भी दो बच्चों का पिता हूं। राजनीतिक मतभेद अलग, लेकिन मैं उन्हें बड़ा भाई मानता हूं और उनकी बारात में शामिल होने को उत्सुक हूं।”
क्यों है मोकामा अहम?
मोकामा विधानसभा लंबे समय से अनंत सिंह का गढ़ माना जाता रहा है। तेजस्वी का यहां घोड़े पर सवार होकर प्रवेश करना एक सीधा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है कि आरजेडी इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है।
