शाहजहांपुर/बरेली : शाहजहांपुर में एसओजी, सर्विलांस सेल और रोजा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक संगठित साइबर-टैक्स फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह गैंग इंस्टाग्राम पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों के आधार, पैन और बिजली बिल हासिल करता था और उन दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की फर्जी जीएसटी फर्में खड़ी कर कर चोरी को अंजाम देता था। पुलिस ने 10 करोड़ 77 लाख रुपये की टैक्स चोरी कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह का हाईटेक तरीका
जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया पर लुभावने लोन विज्ञापन डालता था। लोगों के दस्तावेज जुटाकर उन पर फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार किए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों पर बोगस जीएसटी फर्म रजिस्टर कर ऑनलाइन खरीद-फरोख्त का भ्रम पैदा किया जाता था। फर्जी बिल और बोगस आईटीसी दिखाकर व्यापारी मोटा मुनाफा कमाते और कमीशन इस गैंग को मिलता था। असल में कोई वास्तविक लेन-देन होता ही नहीं था,सब कागज पर तैयार एक ठगी का साम्राज्य था।
पुलिस ने ऐसे किया पर्दाफाश
28 मई 2025 को सहायक आयुक्त राज्य कर भावना चन्द्रा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद गैंग की खोज तेज की गई। मामले की विवेचना निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, प्रभारी गैंगस्टर सेल को सौंपी गई। शुक्रवार को हथौड़ा चौराहे के पास संदिग्ध कार की सूचना पर पुलिस ने अटसलिया पुल के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी:
गौरव यादव, रोहिणी दिल्ली
सिद्धार्थ पाण्डेय, प्रयागराज
दीपक, समयपुर बादली दिल्ली
200 से अधिक फर्जी रेंट एग्रीमेंट, हाई-एंड मोबाइल और नोटरी सीलें बरामद
पुलिस ने जिन दस्तावेजों और डिवाइसेज़ को कब्जे में लिया है, वह इस गैंग की गहराई और प्रोफेशनल ऑपरेशन को उजागर करता है। बरामदगी में 2 iPhone 17 Pro Max, Samsung Z Fold 7, Samsung S25 Ultra, टैबलेट, सीपीयू, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, 39 आधार-पैन प्रतियां, 39 एटीएम कार्ड, 13 बैंक स्टेटमेंट, 200 से अधिक फर्जी रेंट एग्रीमेंट, फर्जी नोटरी मोहरें, विजिटिंग कार्ड, नकदी और महिंद्रा कार शामिल हैं। गिरोह के पास छात्रों, बस चालकों-परिचालकों और नौकरीपेशा युवाओं सहित कई लोगों की पहचान से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। साथ ही यह भी सामने आया कि गैंग फर्जी सिम तैयार कर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाता था।
पुलिस की चेतावनी: लोन-जॉब के ऑनलाइन झांसे में न पड़ें
पुलिस ने कहा है कि साइबर और फाइनेंशियल फ्रॉड के खिलाफ अभियान अब और आक्रामक तरीके से चलाया जाएगा। साथ ही लोगों को सचेत किया गया कि ऑनलाइन लोन, जॉब ऑफर, ओटीपी, बैंक अपडेट या क्यूआर कोड स्कैन जैसे लालच एक क्लिक में आपकी पहचान और बैंक डिटेल्स को जोखिम में डाल सकते हैं। ऐसे गैंग आपकी पहचान को करोड़ों की कर चोरी का माध्यम बना देते हैं।
