बरेली: फतेहगंज पश्चिमी से जुड़े एक अहम सड़क सुरक्षा मामले में अब बड़ी पहल होती दिख रही है। छात्र असद अंसारी की शिकायत पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने संज्ञान लिया है। इसके बाद यह मामला भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भेजा गया, जहां से परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग मुरादाबाद को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।
NH-24 के खतरनाक कट बने हादसों की वजह

राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में स्थित राधा कृष्ण मंदिर कट और एएनए कट लंबे समय से सड़क हादसों और मौतों का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन कटों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बना रहता है।
अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण
पीएमओ में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन और एनएचएआई की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों कटों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने हाईवे पर यातायात की स्थिति, वाहनों की गति, कटों की बनावट और संभावित दुर्घटना स्थलों का बारीकी से जायजा लिया।
छात्र असद अंसारी ने क्या कहा
शिकायतकर्ता छात्र असद अंसारी ने बताया कि राधा कृष्ण मंदिर कट कस्बे का प्रमुख प्रवेश मार्ग है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन हाईवे पार करते हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। वहीं एएनए कट को उन्होंने क्षेत्र का सबसे खतरनाक कट बताया, जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के चलते दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं।
अंडरपास के उपयोग और कट बंद करने पर विचार
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों कटों के पास पहले से ही रहपुरा और माधोपुर अंडरपास मौजूद हैं। ऐसे में ट्रैफिक को अंडरपास के माध्यम से संचालित करने, अवैध कटों को बंद करने और आवश्यक सड़क सुरक्षा संकेतक लगाने जैसे उपायों पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों में जगी उम्मीद
वर्षों से इन जानलेवा कटों के कारण डर के साये में जी रहे स्थानीय लोगों को अब उम्मीद बंधी है कि पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद जल्द ही कोई ठोस समाधान निकलेगा और NH-24 पर सफर सुरक्षित हो सकेगा।
