शाहजहांपुर : गांव में गायों को लेकर शुरू हुआ छोटा सा विवाद एक गंभीर घटना में बदल गया। पीड़ित की पत्नी ने थाने में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच का जिम्मा सीओ जलालाबाद को सौंप दिया है। हालांकि पुलिस पेशाब पिलाने के आरोप से इनकार कर रही है।
महिला का आरोप है कि 14 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे प्रधान के पति ने गोशाला से गाय खोल दीं और उन गायों को उनके घर की ओर भगाया। इसी दौरान एक गाय घर में घुस गई। इस पर महिला के पति ने आपत्ति जताई और प्रधान के पति से कहा कि यह गलत है। आरोप है कि इस बात पर प्रधान का पति भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए बोला कि “हम गायों को छुट्टा ही रखेंगे, तुम हमारा कुछ नहीं कर पाओगे।” इसके बाद पीड़ित ने हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। सूचना पर पीआरवी मौके पर पहुंची और मामले को शांत करा दिया। लेकिन यहीं से तनाव बढ़ा। अगले दिन हुआ हमला – लाठी-डंडों से पिटाई, जूते में पेशाब भरकर पिलाने का आरोप
तहरीर के अनुसार, 15 नवंबर की शाम लगभग 4 बजे पीड़ित व्यक्ति खेत में आलू की रोपाई कर रहा था। तभी प्रधान का पति कई लोगों के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर आ गया। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उसके पति पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला किया बुरी तरह घायल कर दिया और जूते में पेशाब भरकर जबरन पिलाया जब वह बचाने पहुंची तो उसके साथ छेड़खानी की तथा उसे जमीन पर पटक दिया मारपीट में दोनों को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। महिला ने यह भी बताया कि घटना के बाद जब वे थाने जा रहे थे, तो आरोपियों ने रास्ते में उन्हें घेरकर गालियां दीं और धमकाया।
