दिल्ली : भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अदालत ने हसीन जहां से पूछा, “क्या 4 लाख रुपए पर्याप्त नहीं हैं?” इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने शमी को आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी और बेटी के लिए हर महीने कुल 4 लाख रुपए गुजारे भत्ते के रूप में दें जिसमें 2.5 लाख बेटी और 1.5 लाख पत्नी को मिलेंगे।
हालांकि, हसीन जहां ने इस राशि को कम बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में हर महीने 10 लाख रुपए देने की मांग की थी। इस मामले में अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार और शमी को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है। हाईकोर्ट का आदेश: शमी को जुलाई 2025 में हर महीने 4 लाख रुपए देने का निर्देश मिला था। यह राशि पिछले सात सालों से लागू होगी।
पृष्ठभूमि: शमी और हसीन जहां की शादी 2014 में हुई थी। 2015 में उनकी बेटी आयरा का जन्म हुआ। शमी को बेटी के जन्म के बाद पता चला कि हसीन जहां पहले से शादी-शुदा थीं और उसके पहले के विवाह से दो बेटियां थीं। इसके बावजूद शमी ने परिवार की नाराजगी के बावजूद हसीन से शादी की। हसीन जहां पेशे से मॉडल हैं और वह कोलकाता नाइट राइडर्स की चीयरलीडर रह चुकी हैं।
शमी की बेटी के प्रति स्नेह: शमी अक्सर बेटी आयरा के साथ अपने भावुक पल सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। उन्होंने अक्टूबर में एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “जब मैंने उसे बहुत दिनों बाद देखा तो समय थम सा गया। मैं तुमसे शब्दों से ज्यादा प्यार करता हूं, बेबो।”
क्रिकेट से जुड़ी घटना: मार्च 2025 में भारतीय क्रिकेट टीम ने ICC चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब जीता। जीत के बाद विराट कोहली ने शमी की मां के पैर छुए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
