मुजफ्फरनगर/लखनऊ : श्रावण माह की कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-दून हाईवे पर एक विचित्र घटना सामने आई। फलौदा क्षेत्र में एक ढाबे पर खाना खाने रुके हरियाणा के कांवड़ियों ने भोजन में प्याज की उपस्थिति को लेकर जमकर हंगामा किया और ढाबे में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान एक कांवड़िया घायल भी हो गया।
जानें पूरा मामला ?
उत्तराखंड के बहादराबाद निवासी धीरज मलिक श्री सिद्ध बाबा बालक नाथ देव मिलन वैष्णो नाम से ढाबा संचालित करते हैं। फरीदाबाद (हरियाणा) के चार कांवड़िए ढाबे पर भोजन के लिए रुके थे। भोजन करते समय एक कांवड़िए के मुंह में प्याज का टुकड़ा आने पर मामला बिगड़ गया। कांवड़ियों ने पहले कर्मचारियों से बहस की, फिर अचानक ढाबे में रखी कुर्सियों, टेबल और काउंटर पर जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान एक कांवड़िए का हाथ शीशे में लग गया जिससे वह घायल हो गया और खून बहने लगा। हाईवे से गुजर रहे अन्य कांवड़िए भी मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। ढाबे के कर्मचारी मौके से भाग निकले।
पुलिस की भूमिका और कार्रवाई
सूचना मिलने पर सीओ सदर देवव्रत वाजपेई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर उपस्थित कांवड़ियों को शांत कराने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे के प्रयास के बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में की और कांवड़ियों को गंगाजल लेकर आगे रवाना किया। सीओ सदर का बयान कि “किसी भी पक्ष से अब तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस आवश्यक जांच कर रही है।”
ढाबा भी निकला बिना लाइसेंस का
मंगलवार सुबह खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ढाबा संचालक से संचालन संबंधी अनुमति-पत्र मांगा। लेकिन संचालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। मनोज कुमार (खाद्य अधिकारी) ने चेतावनी दी कि बिना लाइसेंस ढाबा संचालन अवैध है और भविष्य में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
