दिल्ली: अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। इसके बाद वह तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। बीते दिनों अदालत के निर्देश पर उन्होंने आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट द्वारा रिलीज वारंट जारी किए जाने के बाद अभिनेता की रिहाई संभव हो सकी। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव मीडिया के सामने आए और उन्होंने अपने फैंस, शुभचिंतकों और न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया। अभिनेता ने कहा कि वह न्यायिक प्रक्रिया में पूरा विश्वास रखते हैं और हर मंच पर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।
धन्यवाद हाई कोर्ट – भावुक दिखे राजपाल यादव
मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा, मैं 2027 में मुंबई में बॉलीवुड के 30 साल पूरे कर लूंगा। पूरे देश के लोग बच्चे, बूढ़े और जवान मेरे साथ हैं। जिस तरह मुझे देश और दुनिया से प्यार मिला है, अगर मुझ पर कोई आरोप हैं तो मैं उनका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हूं। धन्यवाद हाई कोर्ट। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 10 वर्षों में जहां-जहां अदालत ने उन्हें उपस्थित होने का आदेश दिया, वह हर बार पेश हुए हैं और आगे भी कानून का पूरा सम्मान करेंगे। अभिनेता ने कहा कि किसी भी कानूनी जानकारी के लिए उनके वकील से बात की जा सकती है।
18 मार्च तक मिली राहत, कोर्ट की शर्तें क्या रहीं
राजपाल यादव को दिल्ली हाई कोर्ट ने 18 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है। जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच ने आदेश पारित करते हुए अभिनेता को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही राशि की एक श्योरिटी देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि राहत पर विचार इसलिए किया गया क्योंकि शिकायतकर्ता कंपनी के बैंक अकाउंट में 1.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए गए हैं। इससे पहले अदालत ने अभिनेता को निर्देश दिया था कि वह दोपहर 3 बजे तक यह राशि जमा करें, जिसे उन्होंने पूरा किया। इसी आधार पर उनकी सजा को अस्थायी रूप से सस्पेंड किया गया।
चेक बाउंस केस की पूरी पृष्ठभूमि और अगली सुनवाई
यह मामला एक प्राइवेट कंपनी M/S मुरली प्रोजेक्ट से जुड़े चेक बाउंस से संबंधित है। कंपनी के वकील एडवोकेट अवनीत सिंह सिक्का ने अदालत को बताया कि राजपाल यादव द्वारा बाउंस हुए चेक की पूरी राशि कंपनी के खाते में जमा कर दी गई है। इससे पहले अभिनेता के वकील ने फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (FDR) के जरिए रकम जमा करने की पेशकश की थी, लेकिन कोर्ट ने डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में कोर्ट के समक्ष किए गए वादों को पूरा न करने के कारण ही अभिनेता को सरेंडर करना पड़ा था।
अब राजपाल यादव 18 मार्च तक कस्टडी से बाहर रहेंगे, जब इस मामले में अगली सुनवाई होगी। फिलहाल उन्हें मिली इस राहत से उनके प्रशंसकों में खुशी देखी जा रही है।
