मेरठ : विकास इतिहास में रविवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर को नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो की ऐतिहासिक सौगात दी। सात वर्षों से जिस परियोजना का शहरवासियों को इंतजार था, वह अब हकीकत बन चुकी है। इस पहल से मेरठ को आधुनिक परिवहन का नया ट्रैक मिला है और NCR से कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है।
सराय काले खां से मोदीपुरम तक 82 किमी रैपिड कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबे नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित किया। इससे पहले इस कॉरिडोर के 55 किलोमीटर हिस्से में नमो भारत ट्रेन का सफल संचालन शुरू किया जा चुका था, जिसे यात्रियों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। अब पूरे कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली–मेरठ यात्रा और भी तेज, सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।
सीएम योगी बोले– नया भारत तेजी से बढ़ रहा, मेरठ से दिल्ली का सफर होगा और आसान
मेरठ पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने करीब 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण भी किया। ये परियोजनाएं प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नया भारत आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विकास मॉडल पूरी दुनिया में सराहा जा रहा है। डिजिटल इंडिया, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज कनेक्टिविटी इसकी पहचान बन चुके हैं। सीएम योगी ने कहा कि मेरठ जैसे ऐतिहासिक और औद्योगिक शहर को नमो भारत और मेट्रो जैसी सुविधाएं मिलना नए भारत की सोच को दर्शाता है मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मेरठ से दिल्ली की दूरी लोगों के लिए बड़ी चुनौती हुआ करती थी। घंटों का सफर, ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी आम बात थी। लेकिन अब एक्सप्रेसवे, नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के माध्यम से यह दूरी 45 से 50 मिनट में तय की जा रही है और आने वाले समय में यह और भी कम होगी।
नमो भारत और मेट्रो से व्यापार, रोजगार और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार
नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के शुरू होने से केवल आवागमन ही नहीं, बल्कि व्यापार, रोजगार, शिक्षा और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। मेरठ अब NCR से और मजबूती से जुड़कर एक आधुनिक आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेगा। स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और शहर का समग्र विकास तेज होगा।
कुल मिलाकर, यह परियोजना सिर्फ परिवहन की सुविधा नहीं, बल्कि मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है, जो नए भारत की रफ्तार को साफ तौर पर दर्शाती है।
