नई दिल्ली : राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि “कांग्रेस ने संविधान, राष्ट्रपति पद और सिख समुदाय तक का अपमान किया है।” उनके संबोधन के दौरान विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिस पर प्रधानमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि खड़गे जी की उम्र देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाजत दी जाए। इसके बाद विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में करीब 1 घंटा 27 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
उधर, लोकसभा में बुधवार शाम प्रधानमंत्री का संबोधन प्रस्तावित था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते स्पीकर ओम बिरला ने भाषण टाल दिया। स्पीकर ने कहा कि सदन में पीएम के साथ कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती थी। इसके बावजूद, हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। 2004 के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ।
स्पीकर ओम बिरला के बयान पर प्रियंका गांधी वाड्रा का चढ़ा पारा
इस बीच स्पीकर ओम बिरला के बयान पर प्रियंका गांधी वाड्रा का पारा चढ़ गया। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सत्ता पक्ष पर लोकतंत्र को दबाने का आरोप लगाया। तो वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की राहुल गांधी पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस में नाराजगी है और पार्टी ने इसे असंसदीय करार दिया है। संसद के भीतर और बाहर इन घटनाओं के बाद सियासी टकराव और तेज हो गया है।
