प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मुंबई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 17 साल पहले हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मुंबई, जो भारत की आर्थिक राजधानी और सबसे वाइब्रेंट शहरों में से एक है, 2008 में आतंकियों के निशाने पर था। लेकिन उस समय की कांग्रेस सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कमजोरी दिखाई और घुटने टेक दिए।
पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री ने खुलासा किया है कि मुंबई हमले के बाद भारतीय सेनाएं पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए तैयार थीं। पूरा देश भी चाहता था कि आतंकियों को करारा जवाब दिया जाए, लेकिन कांग्रेस सरकार ने किसी विदेशी दबाव में हमारी सेनाओं को रोक दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि “कांग्रेस बताए कि वह कौन था जिसने विदेशी दबाव में निर्णय लिया और देश की भावना से खिलवाड़ किया।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत कमजोर नहीं है, अब भारत आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देता है। “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत की ताकत देखी,” उन्होंने जोड़ा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि “मुंबई का लंबा इंतज़ार अब खत्म हुआ। यह एयरपोर्ट इस क्षेत्र को एशिया का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी हब बनाएगा और महाराष्ट्र के किसानों को यूरोप व पश्चिम एशिया के बाजारों से जोड़ेगा।”
वहीं कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर पलटवार किया। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हालिया अधिसूचना में पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर, ओमान, तुर्किए और इस्राइल जैसे देशों के नाम शामिल हैं, जो भारत की विदेश नीति की असफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि “कूटनीतिक माहौल अब पहले से कहीं तेजी से बदल रहा है और भारत की सरकार को इसके परिणामों से निपटने की तैयारी करनी चाहिए।”
