काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, छात्रों पर कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से माफी और मुआवजे की मांग
पीलीभीत: दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का असर अब पीलीभीत में भी देखने को मिला। शहर विधानसभा से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व प्रत्याशी शाने अली ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। उन्होंने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
शाने अली ने कहा कि छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक होने के नाते वह जानते हैं कि छात्र अपने भविष्य को लेकर कितने चिंतित रहते हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जा सकती।
बसपा नेता ने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन छात्रों की मौत हुई है, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों और उनके परिवारों से माफी मांगने की भी मांग की।
शाने अली ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले में जल्द निर्णय लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामलों में सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो जिले में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही बसपा के समर्थन में प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन चलाने की भी चेतावनी दी।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी