सपा प्रमुख ने शिक्षा, छात्र हित और लोकतंत्र के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा, जौहर यूनिवर्सिटी बचाने की अपील, NEET पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नई दिल्ली/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को भाजपा सरकार पर शिक्षा, छात्र हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई, NEET पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि “भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है। देश मानता है कि भाजपा आक्रांता है।”मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय दमन की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी लोगों की बात सुनना होती है, लेकिन मौजूदा सरकार संवाद के बजाय दबाव और अन्याय का रास्ता अपना रही है।
“देश मानता है, भाजपा आक्रांता है”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि इतिहास गवाह है कि विश्वविद्यालयों को नुकसान पहुंचाने वाले कभी अपने नहीं रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार नकारात्मक राजनीति का नया इतिहास लिख रही है और शिक्षा संस्थानों को भी राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्र, नौजवान और शिक्षा विरोधी है। सरकार के एजेंडे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार नहीं है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर देशव्यापी समर्थन की अपील
सपा प्रमुख ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की लड़ाई केवल एक विश्वविद्यालय की नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और उसे राजनीतिक द्वेष का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने देशभर के लोगों से जौहर यूनिवर्सिटी बचाने की मुहिम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचकर छात्रों की मांगों का समर्थन कर चुका है।
NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि NEET परीक्षा दोबारा होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की गलती थी। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, समाजवादी पार्टी सदन से लेकर सड़क तक इस मुद्दे को उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने इस पूरे घटनाक्रम में अपने बच्चों को खोया है, उनकी मांगों को सरकार तत्काल पूरा करे।
“पेपर लीक नहीं, कराए जा रहे हैं”

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच इस बात की होड़ लगी है कि कौन ज्यादा पेपर लीक कराएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से कराया जा रहा है ताकि युवाओं को नौकरी न मिले और आरक्षण का मुद्दा भी कमजोर हो।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और छात्राओं के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और लाठीचार्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें सादे कपड़ों में लोग आंदोलनकारियों पर लाठियां चलाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकार बताए कि वे लोग कौन थे। यदि सरकार जवाब नहीं देती है तो संदेह और गहरा होगा।
“यह सरकार नहीं, अहंकार है”

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अगर अन्याय करेगी और दबाव बनाएगी तो वह ज्यादा दिन नहीं चलेगा। लोकतंत्र में सरकार का दायित्व जनता की बात सुनना है, लेकिन भाजपा सरकार अहंकार में काम कर रही है।
संसद परिसर में भी छात्रों के मुद्दे पर विरोध
इससे पहले अखिलेश यादव ने संसद परिसर में विपक्षी सांसदों और समाजवादी पार्टी के सांसदों के साथ छात्रों के मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह मजबूती से उठाया जाएगा।
आलम बदी के निधन पर जताया शोक
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलम बदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें सादगी, ईमानदारी और जनसेवा की मिसाल बताते हुए कहा कि उनके निधन से समाजवादी पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
