नई दिल्ली : भारत के विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों के तहत आज मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। भारत के अलग-अलग हिस्सों में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो लोकतंत्र की मजबूती का स्पष्ट संकेत है।
सबसे पहले बात करते हैं त्रिपुरा की, जहां धर्मनगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शाम 5 बजे तक करीब 79.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। खराब मौसम के बावजूद मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे। सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यहां कुल 55 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां वेबकास्टिंग के जरिए पूरी प्रक्रिया की निगरानी की गई। इस उपचुनाव में कुल 46,142 मतदाताओं ने छह उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला किया। यह चुनाव पूर्व विधायक और विधानसभा अध्यक्ष बिश्व बंधु सेन के निधन के बाद कराया गया।
अब रुख करते हैं असम का, जहां विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। शाम 5 बजे तक यहां 84.42 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो वर्ष 2021 के 82.04 प्रतिशत से अधिक है। राज्य के 35 जिलों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कुल 126 सीटों पर हुए इस चुनाव में 722 उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, जबकि कांग्रेस एक दशक बाद वापसी के लिए जोर लगा रही है।
असम के विभिन्न क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत अलग-अलग रहा। दलगांव में सबसे अधिक 94.57 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि अमरी में सबसे कम 70.40 प्रतिशत वोट पड़े। पूरे राज्य में 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मतदान समाप्त होने के बाद कामरूप जिले में अधिकारियों ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को सील कर सुरक्षित रखा।
वहीं पुदुचेरी में भी मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यहां शाम 5 बजे तक करीब 86.92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सबसे अधिक रहा। इसके अलावा केरल में भी 75.01 प्रतिशत मतदान हुआ, जो अच्छी भागीदारी को दर्शाता है। चुनाव आयोग के अनुसार ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है।
इस बीच असम चुनाव के दौरान एक विवाद भी सामने आया है। उदलगुड़ी सीट से उम्मीदवार सुरेन दैमरी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के एक नेता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की है। आरोप है कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ बयान दिए और इस्तीफा भी दे दिया।
हालांकि इन सबके बीच एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि सभी राज्यों में मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। चुनाव अधिकारियों ने भी इस सफल और व्यवस्थित मतदान के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की।
