नई दिल्ली/लखनऊ : संसद का मानसून सत्र एक बार फिर गरमाने जा रहा है। सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में “ऑपरेशन सिंदूर” और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा होगी। दोनों ही मुद्दे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े हैं। ऐसे में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सरकार का पक्ष रख सकते हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में बयान दे सकते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता सरकार को घेरने की रणनीति में जुटे हैं।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर भी चर्चा
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर की जांच व नीतिगत चूक को लेकर विपक्ष हमलावर है। डोनाल्ड ट्रंप के दावों को लेकर भी गर्मागर्म बहस तय है। जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया था। विदेश नीति और रक्षा रणनीति पर शशि थरूर की भूमिका भी चर्चा में है। क्या उन्हें कांग्रेस मौका देगी।।SIR प्रक्रिया और बिहार की मतदाता सूची पर भी विरोध जारी है, चर्चा की मांग में विपक्ष अडिग।
जानें ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा पाक अधिकृत क्षेत्रों में की गई सैन्य कार्रवाई को संदर्भित करता है। जिसकी आधिकारिक पुष्टि सीमित रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इसका प्रभाव दिखा।
ट्रंप के बयान से बवाल!
विपक्ष डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को भी उठाएगा, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध उनकी मध्यस्थता से रुका है। हालांकि, भारत सरकार ने इसे पहले ही खारिज कर दिया था।
सबकी नजरें शशि थरूर पर!
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका यात्रा पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले शशि थरूर इस बहस में बोलेंगे या नहीं। यह एक बड़ा सस्पेंस है। उनके विदेश नीति के अनुभव को देखते हुए उन्हें बोलने देने की मांग भी कांग्रेस के भीतर उठ रही है।
