पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां आरटीई के तहत पढ़ रही एक मासूम छात्रा को कथित तौर पर स्कूल से निकाल दिया गया। परिजनों ने इस मामले की शिकायत डीएम से की है और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पीलीभीत शहर के स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल का यह मामला थाना सुनगढ़ी क्षेत्र से सामने आया है। छतरी चौराहा निवासी आकाश राठौर ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी 6 साल की बहन पायल राठौर, जो आरटीई योजना के तहत स्कूल में पढ़ रही थी, उसे स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी सूचना के बाहर निकाल दिया। परिजनों के अनुसार, 5 मई 2026 को दोपहर करीब 12:50 बजे बच्ची को स्कूल गेट से बाहर कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि न तो परिजनों को इसकी कोई जानकारी दी गई और न ही किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने बच्ची को सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था की।
बच्ची के साथ दुर्व्यवहार का आरोप

जब बच्ची अकेले घर पहुंची, तो परिजन उसे देखकर दंग रह गए। पूछताछ करने पर बच्ची ने बताया कि स्कूल स्टाफ ने उसे जबरन गेट से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता था और आरटीई के तहत पढ़ने की वजह से उसे अलग नजर से देखा जाता था। परिजनों का कहना है कि यह न सिर्फ एक मासूम के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि उसकी सुरक्षा के साथ भी बड़ा खिलवाड़ है। उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायत करने पर धमकी का आरोप
आकाश राठौर ने बताया कि जब वे इस मामले की शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो उन्हें प्रिंसिपल और स्टाफ के अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनसे अमर्यादित भाषा में बात की और यहां तक कह दिया कि “तुम्हारा बच्चा आरटीई का छात्र है, हम उसे जब चाहें स्कूल से निकाल सकते हैं।” इस बयान के बाद परिजनों में आक्रोश और बढ़ गया है। उनका कहना है कि यह न सिर्फ कानून की अवहेलना है, बल्कि शिक्षा के अधिकार का भी खुला उल्लंघन है।
डीएम से कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करते हुए स्कूल के प्रिंसिपल और संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे के साथ इस तरह की घटना न हो। फिलहाल प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है और जांच की बात कही जा रही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
