लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह उस वक्त भावनात्मक माहौल बन गया, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित हत्या की खबर के बाद शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। रोते-बिलखते, सीना पीटते और नारेबाजी करते लोगों की भीड़ ने पूरे इलाके को ग़मगीन कर दिया। महिलाओं, बुज़ुर्गों और युवाओं की आंखों में आंसू थे और हर जुबान पर शोक और गुस्से के शब्द।
छोटे इमामबाड़े के पास जुटी भारी भीड़
रविवार सुबह से ही ऐतिहासिक छोटा इमामबाड़ा के आसपास बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्र होने लगे। देखते-ही-देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोग हाथों में बैनर लिए हुए थे और अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ नारे लगा रहे थे। कई महिलाएं सड़कों पर बैठकर फूट-फूटकर रोती नजर आईं। माहौल पूरी तरह से शोक में डूबा हुआ था।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने हमले की कड़ी निंदा की
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर एक स्वतंत्र देश ईरान पर हमला किया, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने कहा,“हम इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हैं। स्कूलों और आम नागरिकों को भी नहीं बख्शा गया। इंटरनेशनल कम्युनिटी को आगे आकर इस जंग को रोकना चाहिए।”
खामेनेई को बताया पूरी उम्मत का नेता
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई किसी एक देश के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के मुसलमानों के रहनुमा थे। उन्होंने कहा,“आज पूरी दुनिया ने देख लिया कि किस तरह अमेरिका और इज़राइल ने दहशतगर्दी फैलाई है। खामेनेई हर दबे-कुचले की आवाज थे।”
तीन दिन के शोक का ऐलान, प्रतिष्ठान रहेंगे बंद
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने खामेनेई की शहादत पर लखनऊ सहित देशभर में तीन दिन का शोक मनाने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी अपील की कि शोक स्वेच्छा से मनाया जाए, किसी पर दबाव न डाला जाए।
रात 8 बजे शोकसभा और कैंडल मार्च
मौलाना कल्बे जवाद ने जानकारी दी कि रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
उन्होंने देशभर के शिया समुदाय से अपील की कि सभी लोग एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित करें और जहां संभव हो, वहां कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दें।
महिलाओं में भी दिखा आक्रोश
प्रदर्शन में शामिल एक महिला ने रोते हुए कहा,“जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है। अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे। अमेरिका और इज़राइल धोखेबाज़ हैं।” महिलाओं की इस भावनात्मक प्रतिक्रिया ने माहौल को और भी ज्यादा संवेदनशील बना दिया।
यह टेररिस्ट अटैक है
शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने इस हमले को आतंकवादी हमला करार दिया। उन्होंने कहा,“इस हमले ने पूरी खाड़ी को जंग में झोंक दिया है। दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इज़राइल कैसे खून-खराबा और नफरत फैला रहे हैं।”
हम शहादत से नहीं डरते
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि शिया समुदाय शहादत से नहीं डरता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान ने साफ कर दिया है कि इस हमले का ऐसा जवाब दिया जाएगा, जिसे दुनिया याद रखेगी।
इंटरनेशनल कोर्ट में केस चलाने की मांग
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्जीक्यूटिव मेंबर और इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर इंटरनेशनल कोर्ट में मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने साथ ही भारत के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
यह इंसानियत के लिए बड़ा नुकसान
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा,“यह इंसानियत के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। एक ऐसे नेता को शहीद कर दिया गया जो हमेशा मजलूमों के साथ खड़ा रहा। हमने तीन दिन के शोक का एलान किया है और आज रात कैंडल लाइट मार्च निकाला जाएगा।”
पूरे मध्य-पूर्व पर टिकी दुनिया की नजर
लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि भारत समेत पूरी दुनिया में भावनात्मक और राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व की स्थिति किस दिशा में जाती है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस तनाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाता है।
