जमात रज़ा-ए-मुस्तफा और तहरीक-ए-तहफ्फुज सुन्नियत ने पुलिस को सौंपे ज्ञापन, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
बरेली : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नाजिया इलाही खान के कथित बयान को लेकर बरेली में विरोध तेज हो गया है। दरगाह आला हजरत से जुड़े दो प्रमुख संगठनों जमात रज़ा-ए-मुस्तफा और तहरीक-ए-तहफ्फुज सुन्नियत (टीटीएस) ने अलग-अलग स्तर पर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन और तहरीर सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जमात रज़ा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियां के निर्देश पर संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नाजिया इलाही खान ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इस्लाम धर्म की सम्मानित हस्तियों के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं, जिससे मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
प्रशासन से सख्त कदम उठाने की अपील

संगठन ने प्रशासन से मांग की कि मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए, विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए और निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर फरमान हसन खान ने कहा कि धार्मिक आस्थाओं और सम्मानित हस्तियों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि संगठन कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा रहा है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करता है।
कोतवाली पुलिस को दी तहरीर

दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रज़ा कादरी (अहसन मियां) की अगुवाई वाले संगठन तहरीक-ए-तहफ्फुज सुन्नियत (टीटीएस) के कार्यकर्ताओं ने भी थाना कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी। संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि संबंधित बयान से देश और दुनिया के करोड़ों मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भी प्रशासन से मामले में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। टीटीएस की ओर से तहरीर सौंपने वालों में अश्मीर रज़ा समेत संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा
इस दौरान शहर कोतवाल राजवीर सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों संगठनों द्वारा की गई।शिकायतों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन और तहरीर प्राप्त कर मामले को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में भेजने की बात कही है।
