पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन ने तेंदुए के हमलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना, बोले- चार लोगों की मौत के बाद भी तेंदुए को क्यों नहीं मारा जा रहा
मुरादाबाद: जिले में तेंदुओं के हमलों को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने तेंदुओं के हमलों को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इंसानी जान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति में लोगों की जिंदगी खतरे में है और किसान अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
‘इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं’
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि लोग एक अजीबोगरीब माहौल में रह रहे हैं, जहां उन्हें लगता है कि इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं रह गई है। उन्होंने तेंदुओं के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तेंदुए के हमले में चार लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तेंदुए से लोगों की जान को खतरा है तो उसे गोली क्यों नहीं मारी जा रही है और उसे आदमखोर घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है।
किसानों के घरों से निकलने पर जताई चिंता
पूर्व सांसद ने कहा कि तेंदुए के डर से किसान अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं। इसका असर उनकी खेती पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसान खेतों में नहीं जा पा रहे हैं, जिससे उनकी फसल और खेती प्रभावित हो रही है। एसटी हसन ने दावा किया कि तेंदुआ आसानी से पिंजरे में नहीं फंसेगा। ऐसे में उन्होंने सरकार से इंसानी जान की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की।
तेंदुए को लेकर कार्रवाई पर सवाल
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि जब लगातार हमलों की स्थिति बनी हुई है तो सरकार को इस मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए। उन्होंने तेंदुए को पकड़ने के प्रयासों के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा अपनी जगह जरूरी है, लेकिन इंसानी जान को भी खतरे में नहीं छोड़ा जा सकता।
बयान के बाद गरमाई सियासत
तेंदुओं के हमलों को लेकर डॉ. एसटी हसन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में लोगों के बीच जंगली जानवरों को लेकर डर का माहौल बताया जा रहा है। उनके बयान के बाद एक बार फिर इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष तथा सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट : रेहान
