कांग्रेस अध्यक्ष ने नड्डा को उनके राज्यसभा आश्वासन की दिलाई याद, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग; भाजपा ने जातिगत रंग देने का लगाया आरोप
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग दोहराई है। खरगे ने अपने पत्र में कहा कि घटना को 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने नड्डा से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश देने की अपील की है।
खरगे ने नड्डा को दिलाया आश्वासन याद
मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्र में कहा कि यह मामला उनके व्यक्तिगत हित या कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से कहीं बड़ा है। उन्होंने इसे करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया। खरगे ने कहा कि ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने नड्डा को राज्यसभा में दिए गए उनके आश्वासन की भी याद दिलाई, जिसमें नड्डा ने मामले की जांच कराने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया था।
‘क्या लोकतंत्र में ऐसी प्रथाएं स्वीकार्य हैं?’
खरगे ने कहा कि यह घटना उनकी पहचान एक दलित नेता के रूप में भी जुड़ी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की प्रथाओं को स्वीकार किया जा सकता है। उन्होंने नड्डा से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
नड्डा बोले- भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती
राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पहले इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि खरगे की भावनाएं आहत होना दुखद है। उन्होंने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया था। नड्डा ने स्पष्ट किया था कि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती और उन्होंने इस घटना की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर वह मामले को देखेंगे।
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि घटना को जातिगत पहलू देना उचित नहीं है। सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। इस तरह शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।
8 अगस्त की सभा के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, बीती 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे ने जनसभा को संबोधित किया था। आरोप है कि इसके बाद एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े लोगों ने उसी स्थान पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। घटना सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसकी कड़ी आलोचना की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित शुद्धिकरण को छुआछूत से जोड़ते हुए इसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया था। उन्होंने भी घटना में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। अब मल्लिकार्जुन खरगे के जेपी नड्डा को लिखे पत्र के बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
