अयोध्या : अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठा। इससे पहले प्रधानमंत्री ने RSS सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ जन्मभूमि परिसर में स्थित सभी मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना की। ध्वजारोहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री मोदी हेलीपैड पहुंचे और वहां से विशेष विमान द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
“10 वर्षों में मानसिक गुलामी से मुक्ति दिलाएंगे”- पीएम मोदी
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि धर्म ध्वज पर अंकित कोविदार वृक्ष हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब भरत चित्रकूट पहुंचे थे, तब लक्ष्मण ने ध्वज पर बने इसी चिन्ह से अयोध्या की सेना को पहचाना था। पीएम मोदी ने कहा कि लगभग 190 साल पहले 1835 में मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। अब भारत ने संकल्प लिया है कि आने वाले 10 वर्षों में इस मानसिकता से देश को मुक्त किया जाएगा।
“गुलामी की सोच ने राम को भी काल्पनिक बताया”
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुलामी की मानसिकता ने हमारी परंपराओं और आस्था को कमजोर किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा “जिस मानसिकता ने भगवान राम को ‘कल्पना’ कहा, वही सोच हमें अपनी आत्मा से दूर कर रही है।” उन्होंने कहा कि नौसेना के ध्वज में बदलाव उसी मानसिक स्वतंत्रता का प्रतीक है।
“21वीं सदी की अयोध्या, विकसित भारत का मेरुदंड बनेगी”
प्रधानमंत्री ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि नए रेलवे स्टेशन, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों जैसे विकास कार्य अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा “भारत आज विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।”
