नई दिल्ली : संसद भवन परिसर में आज एक अलग और सकारात्मक राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली, जब नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। यह अवसर महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम का था, जो संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने महात्मा फुले को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सामाजिक योगदान को याद किया।
इस दौरान सबसे खास क्षण वह रहा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी आमने-सामने आए और दोनों के बीच कुछ देर तक बातचीत होती रही। लगभग 1 मिनट 30 सेकेंड के इस संवाद का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों नेता सहज और सामान्य अंदाज में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जो इस बातचीत के दौरान वहीं खड़े दिखाई दिए।
राजनीतिक गलियारों में इस बातचीत को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अक्सर संसद के भीतर और बाहर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिलती है। ऐसे में दोनों प्रमुख नेताओं का इस तरह शांतिपूर्ण और सामान्य माहौल में संवाद करना एक अलग संदेश देता है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी महात्मा फुले के विचारों को याद करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और शिक्षा के महत्व पर बल दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दर्शाया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद लोकतंत्र में संवाद और सम्मान की परंपरा कायम रहनी चाहिए।
