पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, प्रदर्शनकारियों पर FIR को बताया नाइंसाफी,कानपुर की घटना पर भी कसा तंज- ‘यूपी की फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू हो गई क्या?’
लखनऊ/दिल्ली: मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिजनों ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान कैराना से सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया और पार्टी के आधिकारिक बयान के जरिए भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और सरकार उनकी सभी मांगों को पूरा करे। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में नामजद आरोपियों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि प्रदर्शन करने वालों पर गंभीर धाराएं लगाई गईं। उन्होंने इसे “नाइंसाफी की पराकाष्ठा” बताया।
‘PDA अब सहेगा नहीं, कहेगा’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि, “जब वो खुद ही बेलगाम है, जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि “PDA अब सहेगा नहीं, कहेगा।” उनके अनुसार, जनता अब केवल भाषण नहीं बल्कि न्याय चाहती है।
पुलिस की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने मेरठ में प्रदर्शन के दौरान सामने आए एसएसपी के कथित थप्पड़ मारने के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि जिस पुलिस से न्याय की उम्मीद होती है, उसके वरिष्ठ अधिकारियों का ऐसा व्यवहार प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ईमानदारी से काम करने वाले पुलिसकर्मी भी असहज महसूस करते हैं।
यूपी की फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू हो गई क्या?’
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कानपुर में पुलिस के साथ मारपीट की घटना पर भी सोशल मीडिया के जरिए तंज कसते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश की फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू हो गई क्या?” इसके साथ ही उन्होंने यह टिप्पणी भी की कि “जनता पूछ रही है कि फिल्म सिटी कानपुर में भी बननी थी क्या?”
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
