बरेली : भीम आर्मी के नेता सुशील कुमार गौतम ने मीडिया से बात कर मेरठ के चर्चित दीपिका गौतम हत्याकांड और उसके बाद हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मामले में अब तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई है, और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे के निलंबन की मांग भी उठाई।
दीपिका गौतम हत्याकांड में सभी आरोपियों पर हो कार्रवाई
सुशील कुमार गौतम ने कहा कि मेरठ में दीपिका गौतम की हत्या के मामले में पुलिस ने केवल एक आरोपी को जेल भेजा है, जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना में अन्य लोग भी शामिल थे। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल कर निष्पक्ष जांच के आधार पर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने किया बल प्रयोग
भीम आर्मी नेता ने बताया कि 8 जुलाई को पीड़ित परिवार, सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं ने मेरठ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उनका आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम होने पर मौके पर पहुंचे एसएसपी अविनाश पांडे के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट और बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी की मांग
सुशील कुमार गौतम ने सरकार से मांग की कि दीपिका गौतम के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की।
महिला आयोग और प्रशासन पर भी उठाए सवाल
मीडिया से बात करते हुए सुशील कुमार गौतम ने प्रदेश में सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण दिखाई देता है। उन्होंने महिला आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे मामलों में आयोग को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि एसएसपी अविनाश पांडे के कार्यकाल में पहले भी भीम आर्मी कार्यकर्ताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया था।
