मायावती की बड़ी बैठक में 2027 की तैयारी पर मंथन, 75 जिलाध्यक्षों से लिया फीडबैक; युकेश सिंह की मौजूदगी ने बढ़ाई सियासी हलचल
लखनऊ में बसपा सुप्रीमो ने प्रदेशभर के पदाधिकारियों के साथ की बैठक, संगठन मजबूत करने और चुनावी तैयारियों में तेजी लाने के दिए निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मंडल स्तर के पदाधिकारियों, घोषित विधानसभा प्रभारियों और सभी 75 जिलाध्यक्षों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में संगठन की स्थिति, जमीनी सक्रियता और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मायावती ने संगठन को मजबूत करने के दिए निर्देश
मायावती ने पार्टी नेताओं को चुनावी तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए संगठन को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि विरोधी दलों के साम-दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों का मजबूती से सामना किया जा सके। बैठक में सदस्यता अभियान, संगठन की जमीनी सक्रियता और आर्थिक मजबूती के साथ ही संभावित प्रत्याशियों के चयन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति की जानकारी भी ली और पदाधिकारियों से सीधे फीडबैक लिया।
युकेश सिंह की मौजूदगी से बढ़ी सियासी हलचल
बैठक में दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे युकेश सिंह की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। बताया जा रहा है कि वह पहली बार इस तरह की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। युकेश सिंह की मौजूदगी को उनके पिता की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से उनके प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में बसपा
बसपा पहले ही वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में मायावती की यह बैठक पार्टी को चुनावी मोड में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मायावती ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को चुनाव से पहले हर स्तर पर अपनी तैयारी पूरी करनी होगी।
लुभावने वादों से सावधान रहने की अपील
मायावती ने चुनाव से पहले विभिन्न वर्गों को निजी लाभ देने वाली योजनाओं, लुभावने वादों और घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिशों को लेकर भी कार्यकर्ताओं और जनता को सावधान किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद अक्सर वादाखिलाफी की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में जनता को राजनीतिक दलों के छलावे से बचते हुए अपने विवेक के आधार पर स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान करना चाहिए।
कांशीराम की पुण्यतिथि की तैयारियों पर भी चर्चा
बैठक में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इस वर्ष कार्यक्रम लखनऊ में वीआईपी रोड स्थित बौद्ध स्मृति उपवन के सामने विकसित किए गए मान्यवर कांशीराम जी स्मारक स्थल पर आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई। बसपा के अनुसार, कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और कांशीराम को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
नेपाल की बाढ़ पर जताई चिंता
मायावती ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने की अपील की। मायावती की इस बैठक के बाद अब बसपा की नजर संगठन को और सक्रिय करने तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत चुनावी आधार तैयार करने पर है। पार्टी के संभावित प्रत्याशियों और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
