मथुरा : नौहझील थाना क्षेत्र में स्थित यमुना एक्सप्रेस-वे पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आगरा से नोएडा की ओर जा रही एक प्राइवेट बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना माइलस्टोन 64 के पास गांव कटैलिया के समीप हुई, जहां चलते-चलते बस से अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में धुआं उठता देख गांव कटैलिया निवासी यशपाल सिंह ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए फोन के माध्यम से नौहझील थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सोनू सिंह और उपनिरीक्षक हरेंद्र तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया।
बस में सवार यात्रियों की संख्या अधिक होने के बावजूद पुलिस और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बताया जा रहा है कि बस में करीब 48 यात्री सवार थे, जो आगरा में ताजमहल का भ्रमण करने के बाद दिल्ली की ओर लौट रहे थे। अचानक आग लगने से यात्रियों में भगदड़ मच गई, लेकिन समय रहते उन्हें बस से बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस को भी अलर्ट किया गया। एफएस मांट से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। हालांकि तब तक आग काफी फैल चुकी थी और पूरी बस उसकी चपेट में आ गई थी। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
इस हादसे के दौरान कुछ समय के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे पर यातायात भी प्रभावित हुआ। सड़क पर लगी आग और रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य किया।
थाना प्रभारी सोनू सिंह के अनुसार, इस घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है, जो कि राहत की बात है। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उन्हें दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या इंजन में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस के तकनीकी पहलुओं की भी जांच कराई जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की फिटनेस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता और यात्रियों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जाता, तो यह हादसा बेहद भयावह रूप ले सकता था। फिलहाल सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली है।
