रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे उद्घाटन, 3,600 करोड़ की लागत से बना 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे; यात्रियों को मिलेगी हाईटेक सुविधाएं
लखनऊ : राजधानी लखनऊ से कानपुर जाने वाले यात्रियों के लिए सोमवार से सफर पहले से कहीं अधिक तेज और आसान हो जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने उद्घाटन से पहले एक्सप्रेसवे पर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सिर्फ 30 से 35 मिनट में पहुंचेगा कानपुर
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 3,600 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस मार्ग पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे। इससे लखनऊ से कानपुर का सफर महज 30 से 35 मिनट में पूरा होगा और यात्रियों के समय में करीब 60 प्रतिशत तक की बचत होगी।
चार बड़े पुल, फ्लाईओवर और अंडरपास की सुविधा
एक्सप्रेसवे पर चार बड़े पुल, 25 छोटे पुल, चार फ्लाईओवर, 11 पैदल अंडरपास और 13 हल्के वाहनों के अंडरपास बनाए गए हैं। आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षित यात्रा के लिए पूरे मार्ग को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है।
एक्सप्रेसवे से बस यात्रा होगी थोड़ी महंगी
एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद रोडवेज बसों का किराया भी प्रभावित होगा। फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग से कानपुर जाने वाली बस का किराया 137 रुपये है, जबकि एक्सप्रेसवे से चलने वाली बसों का किराया करीब 150 रुपये तक हो सकता है। इसकी वजह एक्सप्रेसवे का अधिक टोल शुल्क है। रोडवेज जल्द ही नई समयसारणी और किराया जारी करेगा।
हादसे पर 15 मिनट में पहुंचेगी मदद
एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) लगाया गया है। पूरे मार्ग पर 63 पीटीजेड सीसीटीवी कैमरे और 16 वीडियो डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं। दुर्घटना होने पर कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना मिलेगी और 15 मिनट के भीतर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच जाएगी। साथ ही तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों का स्वतः चालान भी किया जाएगा।
इन जिलों को भी मिलेगा लाभ
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का फायदा सिर्फ इन दोनों शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। सीतापुर, हरदोई, अयोध्या, सुल्तानपुर और उन्नाव के यात्रियों को भी आउटर रिंग रोड के माध्यम से सीधे एक्सप्रेसवे का लाभ मिलेगा, जिससे जाम से राहत और यात्रा समय में कमी आएगी।
