हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़िये की बस की टक्कर से मौत, गांव में मचा कोहराम
मुरादाबाद के रामपुर दोराहे के पास देर रात हुआ हादसा, सोमवार सुबह गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करने वाला था 19 वर्षीय गौरव
मुरादाबाद: हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे एक कांवड़िये के साथ रविवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मुरादाबाद के रामपुर दोराहे के पास बस की टक्कर लगने से 19 वर्षीय गौरव गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार से पहले ही उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं साथी कांवड़ियों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
35 कांवड़ियों के जत्थे के साथ गया था हरिद्वार
शाही क्षेत्र के रमपुरा गांव निवासी गौरव पुत्र राधेश्याम 13 अगस्त को 35 लोगों के जत्थे के साथ हरिद्वार गंगाजल लेने गया था। कांवड़ियों का यह जत्था महंत धर्मेंद्र, धर्मपाल और प्रमोद के नेतृत्व में हरिद्वार पहुंचा था। हरिद्वार में गंगाजल भरने के बाद सभी कांवड़िये कांवड़ लेकर अपने गांव की ओर लौट रहे थे। उन्हें सोमवार सुबह गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करना था।
रामपुर दोराहे के पास बस ने मारी टक्कर
गांव पहुंचने से पहले ही रविवार देर रात मुरादाबाद के रामपुर दोराहे के पास हादसा हो गया। बताया गया कि बस की टक्कर लगने से गौरव गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद साथी कांवड़ियों ने तत्काल मदद की कोशिश की, लेकिन गौरव की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजन और ग्रामीण मुरादाबाद पहुंचे
गौरव की मौत की जानकारी जैसे ही रमपुरा गांव पहुंची, परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन और ग्रामीण प्रशासक अशोक गंगवार के साथ मुरादाबाद पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
परिवार में सबसे छोटा था गौरव
गौरव तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन कांवड़ यात्रा से लौटते समय हुए दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं। 19 वर्षीय गौरव की असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में पसरा मातम
हादसे के बाद रमपुरा गांव में शोक का माहौल है। जिस गांव में सोमवार सुबह कांवड़ियों के पहुंचने और शिव मंदिर में जलाभिषेक को लेकर उत्साह था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग गौरव के निधन पर गहरा दुख जता रहे हैं। वहीं साथी कांवड़ियों के लिए भी यह हादसा बेहद पीड़ादायक रहा, क्योंकि जिस साथी के साथ वे गंगाजल लेकर गांव लौट रहे थे, वह अब उनके बीच नहीं रहा।
