दरगाह आला हजरत की ओर से ऐलान, 1985 से जुलूस की कयादत करते आ रहे थे सुब्हानी मियां, 25 अगस्त को पुराना शहर और 26 अगस्त को कोहाड़ापीर से निकलेगा जुलूस
बरेली : ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बरेली में निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को लेकर दरगाह आला हजरत की ओर से अहम ऐलान किया गया है।बीमारी के चलते इस वर्ष दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खान ‘सुब्हानी मियां’ मुख्य जुलूस-ए-मोहम्मदी की कयादत नहीं कर पाएंगे। दरगाह आला हजरत मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे हैं।इसी वजह से उन्होंने इस वर्ष जुलूस की कयादत करने में असमर्थता जताई है।
1985 से जुलूस की कयादत करते आ रहे हैं सुब्हानी मियां
मौलाना सुब्हानी मियां ने अपने बयान में कहा कि उनके वालिद रेहान-ए-मिल्लत मुफ्ती रेहान रजा खान कादरी बरेलवी ‘रहमानी मियां’ के विसाल के बाद वर्ष 1985 से अंजुमन खुद्दाम -ए-रसूल के तत्वावधान में कोहाड़ापीर से निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी की कयादत वह करते आ रहे हैं। हर वर्ष 12 रबीउल अव्वल को दिन में यह जुलूस कोहाड़ापीर से शुरू होकर कुतुबखाना, जिला अस्पताल और बरेली कोतवाली होते हुए हजरत पहलवान शाह साहब की दरगाह पर हाजिरी देता है। इसके बाद इस्लामिया स्कूल और बिहारीपुर ढाल के रास्ते दरगाह आला हजरत पहुंचकर जुलूस का समापन होता है। सुब्हानी मियां ने अपनी बीमारी का हवाला देते हुए इस वर्ष जुलूस की कयादत से असमर्थता जताई और जुलूस की कामयाबी के लिए दुआ की।
26 अगस्त को अहसन मियां करेंगे कयादत
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी के मौके पर बरेली में दो प्रमुख जुलूस निकाले जाते हैं।पहला जुलूस 25 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर पुराना शहर से अंजुमन इत्तेहाद -ए-मुस्लेमीन के बैनर तले निकलेगा। वहीं, मुख्य जुलूस 26 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी के दिन कोहाड़ापीर से अंजुमन खुद्दाम-ए-रसूल के तत्वावधान में निकलेगा। इस जुलूस की कयादत इस वर्ष दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ‘अहसन मियां’ करेंगे।
जुलूस की सुरक्षा और कामयाबी की दुआ
मौलाना सुब्हानी मियां ने अपने संदेश में अल्लाह रब्बुल इज्जत से जुलूस-ए-मोहम्मदी को कामयाब और कामरान करने की दुआ की। साथ ही जुलूस में शामिल होने वाले सभी लोगों की जान-माल, इज्जत और आबरू की हिफाजत की दुआ भी की।दरगाह की ओर से जारी इस ऐलान के बाद अब 26 अगस्त को होने वाले मुख्य जुलूस की कयादत को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। इस वर्ष सुब्हानी मियां की जगह अहसन मियां जुलूस का नेतृत्व करेंगे।
