12 माह की अनिवार्य इंटर्नशिप के लिए ₹25 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग, प्रशासन ने अभिभावकों को पत्र भेजकर छात्रों से कक्षाओं में लौटने की अपील की
बरेली : यूपी के बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में बीवीएससी एवं एएच के छात्रों का इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। छात्र 12 माह की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप के दौरान ₹25 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां निभानी होती हैं, इसलिए मौजूदा स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है।
12 महीने की इंटर्नशिप, स्टाइपेंड को लेकर छात्रों की आपत्ति
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक बीवीएससी एवं एएच पाठ्यक्रम में रोटेटरी इंटर्नशिप की अवधि 12 महीने निर्धारित है। छात्रों का दावा है कि अभी तक उन्हें छह माह की अवधि के लिए करीब ₹3 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता रहा है। छात्रों की मुख्य मांग है कि पूरी 12 माह की अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि के लिए सम्मानजनक और समान आधार पर स्टाइपेंड दिया जाए।छात्रों ने यह भी मांग उठाई है कि देश के अन्य पशु चिकित्सा संस्थानों में इंटर्नशिप के दौरान दिए जा रहे स्टाइपेंड की समीक्षा की जाए और उसके आधार पर आईवीआरआई में भी राशि निर्धारित की जाए।
बजट और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
छात्रों ने स्टाइपेंड के लिए मिलने वाले बजट और उसके भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर लिखित और समयबद्ध जवाब दिया जाना चाहिए। छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, स्टाइपेंड का मुद्दा पहले भी संस्थान और संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया जा चुका है, लेकिन उनकी मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते छात्रों ने प्रदर्शन जारी रखा है।
प्रशासन ने अभिभावकों को भेजा पत्र
वहीं, संस्थान प्रशासन की ओर से छात्रों के अभिभावकों को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की अपील की गई है। पत्र में बताया गया है कि उच्चाधिकारियों के प्रयास से अब पूरी इंटर्नशिप अवधि का स्टाइपेंड देने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने की मांग को सक्षम प्राधिकारी और संबंधित काउंसिल के स्तर पर उठाया जा रहा है। अभिभावकों से छात्रों को समझाकर कक्षाओं में लौटने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई है।
8 अक्टूबर से कक्षाएं निलंबित करने की चेतावनी
प्रशासन के पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि छात्र कक्षाओं में वापस नहीं लौटते हैं तो 8 अक्टूबर से द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष की कक्षाएं निलंबित की जा सकती हैं। इससे प्रदर्शन और संस्थान प्रशासन के बीच गतिरोध का असर शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है।
इसी महीने प्रस्तावित हैं छात्रों के पेशेवर परीक्षाएं
छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन संस्थान या पशु चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नहीं है। वे इंटर्नशिप के दौरान अपनी जिम्मेदारियों और कार्यभार के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड की मांग कर रहे हैं। छात्रों के मुताबिक उनकी पेशेवर परीक्षाएं इसी महीने प्रस्तावित हैं। इसके बाद वे अनिवार्य इंटर्नशिप में प्रवेश करेंगे। ऐसे में उनका कहना है कि इंटर्नशिप शुरू होने से पहले स्टाइपेंड को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
छात्रों और प्रशासन के बीच समाधान की कोशिश
फिलहाल आईवीआरआई में स्टाइपेंड को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी है। एक ओर छात्र 12 माह की पूरी इंटर्नशिप के लिए ₹25 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड और अपनी अन्य मांगों पर लिखित जवाब चाहते हैं, वहीं संस्थान प्रशासन का कहना है कि पूरी अवधि के स्टाइपेंड की व्यवस्था की जा चुकी है और राशि बढ़ाने का विषय सक्षम स्तर पर उठाया जा रहा है। मामले में छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच संवाद से समाधान निकलने की उम्मीद है। फिलहाल प्रकरण में संस्थान के सक्षम अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
